यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
5000 रुपये दो और फर्जी Corona Test Report लो, पंजाब पुलिस ने पकड़ा फर्जी रिपोर्ट तैयार करने वाला गिरोह
Fraud In Corona Test पंजाब की फरीदकोट पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पांच हजार रुपये ...और पढ़ें

जेएनएन, फरीदकोट। Fraud In Corona Test: इसको कहते हैं आपदा में अवसर ढूंढना... एक तरफ लोग कोरोना महामारी के कारण नुकसान झेल रहे हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसके अवसर मानते हैं। पुलिस ने कोरोना महामारी की पांच हजार रुपये में फर्जी पाजिटिव रिपोर्ट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दोनों सदस्यों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया है।
पुलिस को दी गई शिकायत में रमनदीप सिंह निवासी कोटकपूरा ने बताया है कि उसने कैदी बनकर फरीदकोट निवासी अविनाश चावला को फोन किया कि वह कैदी है और जेल से छुट्टी बढ़वाने के लिए उसे कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव चाहिए। उसने कहा कि चावला ने पाजिटिव रिपोर्ट बनाने के लिए आठ हजार रुपये की डिमांड की। सौदा पांच हजार रुपये में तय हो गया।
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उन्होंने आरोपित को पैसे दे दिए। आरोपित ने उसे शाम सवा पांच बजे रिपोर्ट लेने को कहा। इस पर उसने पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने अविनाश और सुखजिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एसआइ सुरिंदर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपितों से पूछताछ कर पता किया जाएगा कि इन्होंने अब तक किस-किस को फर्जी कोरोना रिपोर्ट दी है।
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इससे पहले आपदा में अवसर तलाशने का मामला अमृतसर में भी सामना आया था। अमृतसर के ईएमसी अस्पताल व तुली प्राइवेट लैब में कोरोना टेस्ट के नाम पर खुला खेल चल रहा था। यहां फर्जी कोरोना पाजीटिव रिपोर्ट तैयार कर लोगों को इलाज के नाम पर जमकर लूटा जाता था। इनके निशाने पर एनआरआइ रहते थे।
