जासं, लुधियाना। Cyber Crime In Ludhiana: आधुनिक युग में मोबाइल पर हाईटेक तरीके से ठगी मारने को साइबर क्राइम कहा जाता है। ऐसे अपराधी इंटरनेट व मोबाइल की मदद से भोले भाले बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को मूर्ख बनाकर डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड का पिन, सीवीवी नंबर अथवा ओटीपी प्राप्त करके ठगी मारते हैं। ऐसे अपराधियों की संख्या में दिन प्रति दिन इजाफा हो रहा है। अगर समय रहते साइबर ठगी का पता चल जाए तो धोखाधड़ी का शिकार हुए व्यक्ति को उसके पैसे वापस दिलाने में पुलिस को काफी मदद मिलती है।

24 घंटे चलता है हेल्पलाइन नंबर

सहायक कमिश्नर (शिकायतें) जसलीन कौर भुल्लर ने बताया कि साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए आम लोगों को जागरूक करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन की और से इंटरनेट मीडिया तथा विभिन्न जगहों पर सेमिनार का आयोजन करके नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंर 1930 के बारे में जागरूकता फैलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे चलता है। धोखे का शिकार हुआ व्यक्ति किसी भी समय अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है।

अपराधी का तुरंत लगाया जाता है पता

जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को गोल्डन आवर्स (सुनहरी समय) के बारे में में बताया जा रहा है। जोकि बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि धोखाधाड़ी होने के 24 घंटों के बीच वाले समय को गोल्डन आवर्स कहा जाता है। अगर धोखाधड़ी का शिकार व्यक्ति इन 24 घंटों के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करवा देता है तो अपराधी का जल्दी पता लगाया जा सकता है।

अकाउंट में रकम ट्रांसफर हाे जाती है सीज

उसके अकाउंट से जिस अकाउंट में रकम ट्रांसफर हुई, उसे भी फ्रीज करवाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों व महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि साइबर अपराध संबंधी होने वाली ठगियों से सुचेत रहने के बावजूद अगर किसी के साथ ठगी हो जाती है तो समय गवाए बगैर 24 घंटों के भीतर अपनी शिकायत को 1930 नंबर पर दर्ज कराएं। ताकि शिकायत का जल्द से जल्द निपटारा किया जा सके।

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Edited By: Vipin Kumar