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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम चरणजीत चन्नी ने कहा- 7 तक कृषि कानून खत्म नहीं हुए तो 8 नवंबर को पंजाब विधानसभा में कर देंगे रद

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Wed, 27 Oct 2021 11:13 AM (IST)Updated: Wed, 27 Oct 2021 01:00 PM (IST)

पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार को 7 नवंबर तक कृषि कानूनों को रद करने को कहा ...और पढ़ें

सीएम चरणजीत सिंह चन्नी लुधियाना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए। जागरण
सीएम चरणजीत सिंह चन्नी लुधियाना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए। जागरण

जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार को 7 नवंबर तक कृषि कानूनों को रद करने का अल्टीमेटम दिया है। चन्नी ने कहा कि अगर कृषि कानून रद नहीं होते तो पंजाब सरकार 8 नवंबर को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इन्हें रद कर देगी। 

चन्नी केंद्र सरकार द्वारा बीएसएफ का दायरा बढ़ाए जाने पर भी नाराजगी जताई। कहा कि इस संबंध में पंजाब सरकार से कोई भी बातचीत नहीं की गई। कहा कि यह गैर संवैधानिक है। सीएम ने कहा कि इससे केंद्र व राज्य सरकारों के रिश्ते खराब होते हैं। कहा कि यह राज्य में गवर्नर राज के संकेत हैं। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में इस पर भी चर्चा होगी। उद्योग एवं व्यापार जगत के बारे में चर्चा करते हुए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि व्यपारियों के लिए इंस्पेक्टरी राज खत्म होगा।

पंजाब में पटाखे बेचने पर नहीं लगेगा प्रतिबंध

सीएम ने कहा कि पंजाब में पटाखे बेचने में रोक नहीं लगेगी। सिर्फ प्रदूषण के नियमों का पालन होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद पटाखे बेचे हैं, इसलिए व्यापारियों के दर्द को समझता हूं। बता दें, चंडीगढ़ में पटाखों पर प्रतिबंध लग गया है। ऐसे में आशंका जताई जा रही थी कि पंजाब में भी इस पर प्रतिबंध लग सकता है। इसको लेकर व्यापारी आशंकित थे। व्यापारियों की आशंका को दूर करते हुए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में पटाखे बेचने पर प्रतिबंध नहीं रहेगा। 

सीएम ने ये भी कहा

  • इंस्टीट्यूशनल टैक्स खत्म कर दिया गया है। यह टैक्स 2011 में लगा था। 
  • वैट के विवाद पुराने 48 हजार हैं, 40 हजार को छोड़ दिया जाएगा। 8 हजार पर एक लाख से ज्यादा है वे 30 फीसद दो किस्तों में दे दें। एक किश्त इस साल दूसरी अगले साल।
  • मध्यम इंडस्ट्री की बिजली पर लगने वाली चार्ज में 50 परसेट छूट। इंडस्ट्री पर सीएलयू हटेगा। 

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