जागरण संवाददाता लुधियाना। World Ozone Day 2021: अगर पंजाब के पर्यावरण को बेहतर करना है, तो उसके लिए किसानों को भी पूर्ण योगदान देना होगा। पराली जलाने से हर साल पंजाब में तेजी से प्रदूषण बढ़ जाता है। इससे अस्थमा सहित कई तरह के मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में किसान पराली ना जलाएं और इसके जरिये अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं। यह कहना था पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन प्रो. डा. आदर्श पाल विज का। वह वीरवार काे विश्व ओजाेन डे पर पीएयू लुधियाना में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

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पर्यावरण सुरक्षा को लेकर जागरूक होना पड़ेगा

डा. आदर्श पाल ने कहा कि अगर पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को बचाना है, तो हमें पर्यावरण सुरक्षा को लेकर जागरूक होना पड़ेगा। लगातार मौसम में हो रहे परिवर्तनों में कहीं ना कहीं हम खुद ही जिम्मेदार है। इसके लिए हम सबको मिलकर नैतिकता से इसके हल के लिए आगे आना होगा। किसानों की ओर से चलाई जाने वाली पराली पंजाबी नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों की आबो हवा को भी खराब कर रही है।

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पंजाब सरकार की सब्सिडी का लाभ उठाएं लाेग

पराली को ना जलाकर इसे इंडस्ट्री में फ्यूल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पंजाब सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जा रही है। इसको लेकर सरकार की ओर से योजना पर काम लगभग पूर्ण हो चुका है। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की और इसमें लाेगाें को भी पूर्ण सहयोग देने की मांग की।

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Edited By: Vipin Kumar