विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब की भाखड़ा नहर में फेंकी गई Remdesivir से उठा पर्दा, यूपी निवासी सरगना समेत छह गिरफ्तार, 2 करोड़ रुपये कैश बरामद

By Pankaj DwivediEdited By:
Published: Fri, 18 Jun 2021 04:57 PM (IST)Updated: Fri, 18 Jun 2021 05:14 PM (IST)

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने दस हजार के करीब वायल तैयार की थी और उनका लक्ष्य ...और पढ़ें

रूपनगर पुलिस ने जाली रेमेडिसिवर दवा भाखड़ा नहर में फेंकने वाले गिरोह को काबू कर लिया है। फाइल फोटो
रूपनगर पुलिस ने जाली रेमेडिसिवर दवा भाखड़ा नहर में फेंकने वाले गिरोह को काबू कर लिया है। फाइल फोटो

रूपनगर, जेएनएन। रूपनगर पुलिस ने जाली रेमेडिसिवर दवा भाखड़ा नहर में फेंकने वाले गिरोह को काबू कर लिया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना उतर प्रदेश के मुज्जफरनगर के गांव खुड्डा के मुहम्मद शाहवर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस द्वारा गठित की गई एसआइटी ने आरोपितों से दो करोड़ रुपये की नकदी, चार कारें (मारुति बलेनो, टोयोटा इटियोस, हुंडई आई 20 और मारुति स्विफ्ट डिजायर) और दो लैपटाप बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने दस हजार के करीब वायल तैयार की थी और उनका लक्ष्य कोरोना महामारी की दूसरी लहर में मोटी कमाई करने का था।

आरोपितों में मुहम्मद शाहवर के साथी उत्तर प्रदेश के बागपत के अरशद खान, सहारनपुर (उतर प्रदेश) के मुहम्मद अरशद, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के प्रदीप सरोहा और बहलोलपुर (मोहाली) के शाह नजर और शाह आलम शामिल हैं।

यह भी पढ़ें - पंजाब कैबिनेट का फैसला, स्‍थानीय निकायों में कांट्रेक्‍ट पर काम कर रहे सीवरमैन व सफाई क‍र्मी होंगे नियमित

पांच सप्ताह बाद उठा मामले से पर्दा 

पांच हफ्ते की गहन पड़ताल के बाद पुलिस ने मामले से पर्दा उठाया है। रूपनगर में भाखड़ा नहर में तीन हजार के आसपास रेमडिसिवर दवा के लेबल वाली वायल, सेफोपेराजोन के लेवल वाली वायल बहा दी गईं थी। गांववासियों की सूचना पर पुलिस व स्वास्थ्य विभाग रूपनगर की टीम ने पानी में से इन वायल को बरामद किया था। तब रेमेडिसिवर की वायल पर लगे लेवल में पाई गई त्रुटियों के आधार पर इसे जाली बताया जा रहा था। 

रूपनगर के एसएसपी डा.अखिल चौधरी ने बताया कि बरामद दवाइयों के सैंपल फारेंसिंक जांच के लिए सीडीएससीओ कोलकाता को भेजे गए हैं। इससे ये पता लगाया जा सकेगा कि इन जाली दवाइयों में कौन से रसायन का इस्तेमाल किया गया था।

यह भी पढ़ें - लुधियाना में पांच साल की बच्ची को मोबाइल पर दिखाए अश्लील वीडियो, आरोपित के खिलाफ केस दर्ज