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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lockdown में निधि गुप्ता ने घर की छत पर बनाया मिनी गार्डन, आर्गेनिक सब्जियों के सेवन से संक्रमण से परिवार को बचाया

By Rohit KumarEdited By:
Published: Wed, 24 Mar 2021 02:15 PM (IST)

लाकडाउन में गृहिणी निधि गुप्ता की दिनचर्या पर काफी असर पड़ा। संक्रमण से खुद के अलावा पूरे परिवार को बचाना ...और पढ़ें

लाकडाउन में गृहिणी निधि गुप्ता की दिनचर्या पर काफी असर पड़ा।
लाकडाउन में गृहिणी निधि गुप्ता की दिनचर्या पर काफी असर पड़ा।

जालंधर, जेएनएन। लाकडाउन में गृहिणी निधि गुप्ता की दिनचर्या पर काफी असर पड़ा। परिस्थितियां काफी बदल गई थीं। संक्रमण से खुद के अलावा पूरे परिवार को बचाना था, साथ ही पौष्टिक खाना भी बनाना था। इसको उन्होंने पाजिटिव लिया। अब इसी तरीके से जीवन व्यतीत कर रही हैं। निधि गुप्ता से बातचीत के अंश :

पति रोहित आढ़त का काम करते हैं। लाकडाउन से पहले रूटीन में सात बजे उठती थीं और खाना बनाकर पूरे परिवार को काम पर भेज कर अपने लिए वक्त निकाल पाती थी। बच्चों नित्य व साइमा की पढ़ाई भी खासी सिरदर्दी नहीं थी लेकिन लाकडाउन के बाद उनका पूरा रूटीन ही बदल गया। पहले पति सुबह नौ बजे काम पर जाते थे, लेकिन लाकडाउन के बाद सुबह चार बजे जाने लगे।

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अब सुबह 3:30 बजे उठकर पति व लेबर के लिए खाना बनाना पड़ता था। धीरे-धीरे काम बढ़ने लगा। बच्चों की आनलाइन क्लास के दौरान उनके साथ बैठना पड़ता था। अध्यापक जो भी होमवर्क देते है, वह करवाती थीं। इस सब में खुद को भूल गई और टेंशन लेने लगी लेकिन कहते हैं ना चलती का नाम जिंदगी है, इसे जैसे चलाओ वैसे ही चलती रहेगी। इसी बात को ध्यान में रख टाइम टेबल बनाया। असर ये हुआ कि खुद के लिए पहले से ज्यादा समय निकलने लगा।

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बहुत सारे इवेंट व आनलाइन प्रतियोगिताओं में खुद भी भाग लिया। किचन गार्डनिंग का पहले से शौक था, उसे लाकडाउन में पूरा किया। अपनी सास की मदद से छत पर मिनी गार्डन बनाया, जिसमें विभिन्न तरह की सब्जियां लगाईं। घर में आर्गेनिक तरीके से उगाई हुई सब्जियों का सेवन करना शुरू किया। खान पान में भी बहुत बदलाव किया। चाय की जगह काढ़े ने ली। उन्होंने अपनी सास से पुरानी रेसिपी सीखी और पूरे परिवार को खुश रखा।

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