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LPU हिंसा मामले में तीन FIR और दर्ज, पुलिस ने हॉस्टल जाकर फिर की पड़ताल; जांच के लिए 7 सदस्यों की बनी टीम

Published: Thu, 01 Oct 2026 02:24 PM (IST)

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने तीन और एफआईआर दर्ज की हैं, जिससे कुल मामलों की संख्या चार हो गई है।

HighLights

  1. एलपीयू हिंसा मामले में तीन और एफआईआर दर्ज हुईं

  2. पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल-3 में छात्रों से पूछताछ की

  3. जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई

जागरण संवाददाता, जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में शनिवार व रविवार रात को हुई हिंसा मामले में पुलिस ने अब तीन और केस दर्ज किए हैं। अब कुल चार केस दर्ज हो चुके हैं।

इनमें से दो केस थाना सतनामपुरा में और दो थाना सदर फगवाड़ा में दर्ज हैं। सभी मामले अलग-अलग घटनाओं को लेकर दर्ज किए गए हैं। एक केस हाईवे पर यातायात बाधित करने और प्रदर्शन के दौरान पैदा हुई स्थिति को लेकर कार्रवाई की गई है।

एक यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़, आगजनी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना को लेकर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

तीसरा मामला पुलिस की संपत्ति, वाहन जलाने की घटना को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। इसमें सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस के साथ हुई घटना से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

गर्ल्स हॉस्टल -3 में दोबारा पहुंची टीम, पूछताछ की जांच का एक प्रमुख केंद्र गर्ल्स हॉस्टल -3 बना हुआ है। पुलिस की एक टीम ने हॉस्टल में दोबारा जाकर घटनाक्रम से जुड़े छात्रों से पूछताछ की। एक दिन में कई छात्रों के बयान लिए गए।

जिन छात्रों से बातचीत की गई, उनके बयान लिखित रूप में भी दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा एलपीयू के आसपास और सतनामपुरा इलाके में बने पीजी में रहने वाले छात्र भी जांच के दायरे में हैं।

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पुलिस टीम ने फिर की पड़ताल

वार्डन और गार्डों के बयान दर्ज पुलिस टीम ने बुधवार को एलपीयू जाकर हॉस्टल की फिर से जांच की। अलग-अलग जांच के लिए सात सदस्यीय टीम बनाई गई है।

टीम ने यूनिवर्सिटी परिसर, हॉस्टल , आसपास के पीजी और सतनामपुरा क्षेत्र में रहने वाले छात्रों से पूछताछ की।

कई छात्रों, सुरक्षा गार्डों, वार्डनों और यूनिवर्सिटी स्टाफ के लिखित बयान दर्ज किए गए हैं। जांच टीमों ने यूनिवर्सिटी में जाकर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी हासिल की है।

इसके अलावा घटनाक्रम के समय ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा कर्मचारियों और कार्यालय स्टाफ से भी पूछताछ की गई है।

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