जालंधर में किसानों-मजदूरों का DC ऑफिस घेराव, मनरेगा बदलाव और स्मार्ट मीटरों के खिलाफ प्रदर्शन
जालंधर में किसान-मजदूर यूनियन संघ ने डीसी कार्यालय का घेराव कर पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उनका मुख्य ...और पढ़ें

डीसी कार्यालय के बाहर बैठे किसान।
HighLights
किसान-मजदूरों ने जालंधर डीसी कार्यालय का घेराव किया।
मनरेगा योजना में बदलावों का कड़ा विरोध जताया गया।
स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के फैसले को अस्वीकार किया।
जागरण संवाददाता, जालंधर। जालंधर में शुक्रवार को किसान-मजदूर यूनियन संघ के बैनर तले जिलेभर से आए किसानों और मजदूरों ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया। भारी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने DC कार्यालय का घेराव किया और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों का मुख्य विरोध मनरेगा योजना में किए जा रहे बदलावों और सरकार द्वारा स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के फैसले को लेकर रहा।यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर मनरेगा योजना को कमजोर करने में लगी हुई हैं। डिजिटल हाजिरी, ऐप आधारित उपस्थिति और जटिल शर्तें थोपकर मजदूरों को उनकी दिहाड़ी से वंचित किया जा रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधाओं की कमी को देखते हुए यह व्यवस्था मजदूरों के साथ अन्याय है। उनका आरोप था कि सरकार बजट बढ़ाने और कार्य दिवस बढ़ाने के बजाय योजना को धीरे-धीरे समाप्त करने की साजिश कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और अगर इसे कमजोर किया गया तो लाखों मजदूरों का जीवन प्रभावित होगा। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि नए नियम वापस नहीं लिए गए, तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
स्मार्ट मीटरों का हुआ विरोध
स्मार्ट मीटरों का मुद्दा भी प्रदर्शन का बड़ा केंद्र रहा। किसानों ने दो टूक कहा कि वे गांवों में स्मार्ट बिजली मीटर नहीं लगने देंगे। उनका कहना है कि ये मीटर निजीकरण की ओर पहला कदम हैं और भविष्य में बिजली बिलों में भारी बढ़ोतरी की आशंका है। किसानों के अनुसार गरीब वर्ग पहले से ही आर्थिक दबाव में है और ऐसे फैसले जनता की जेब पर बोझ डालने वाले हैं।
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किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विभाग जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की कोशिश करेगा, तो जनता की प्रतिक्रिया के लिए प्रशासन खुद जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अभी शुरू हुआ है और यदि सरकार ने समय रहते जन-विरोधी फैसले वापस नहीं लिए, तो आने वाले दिनों में पंजाब भर में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
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