500 रुपये कर्ज से मिठाई दुकान और लवली ग्रुप का सफर... 50 देशों के 30 हजार छात्र; कौन हैं LPU के मालिक अशोक मित्तल?
लवली ग्रुप की शुरुआत 500 रुपये के कर्ज से हुई एक मिठाई की दुकान से हुई थी, जो बाद में ...और पढ़ें

LPU के मालिक अशोक मित्तल। फोटो एआई की मदद से बनाई गई है
HighLights
लवली ग्रुप की शुरुआत 500 रुपये के कर्ज से हुई।
लवली स्वीट्स से लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का विशाल साम्राज्य।
डॉ. अशोक मित्तल AAP से BJP में शामिल हुए।
अंकित शर्मा, जालंधर। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रा से कथित दुष्कर्म के मामले में छात्रों ने उग्र प्रदर्शन किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। हिंसा के बाद से एलपीयू अभी सुर्खियों में है। क्या आप जानते हैं एलपीयू की नींव कैसे पड़ी और इसके संस्थापक कौन हैं?
मिठाई से सफर की शुरुआत
लवली ग्रुप शुरुआत किसी बड़े कारोबार से नहीं, बल्कि लवली स्वीट हाउस से हुई थी। 500 रुपये के कर्ज से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर लवली ग्रुप तक पहुंचा है।
मेहनत, संघर्ष और दूरदृष्टि के साथ कारोबार को बढ़ाते हुए लवली स्वीट्स से लवली ऑटो मोबाइल के क्षेत्र, फिर शिक्षा के क्षेत्र में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का विशाल एंपायर खड़ा हुआ। यह यूनिवर्सिटी 600 से अधिक एकड़ में बनी है, जहां केवल देश और विदेश के 30 से 35 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं।
भारत-पाक बंटवारा, जालंधर पहुंचा पूरा परिवार
इस सफर की शुरुआत भी भारत-पाक बंटवारे के साथ हुई थी, जब डॉ. अशोक कुमार मित्तल का परिवार जालंधर कैंट स्टेशन पर ही उतरा था। जहां उनके पिता बलदेव राज मित्तल ने वर्ष 1961 में 500 रुपये का कर्ज लेकर जालंधर कैंट (कैंटोनमेंट एरिया) में मिठाई की दुकान खोली और उसका नाम लवली स्वीट हाउस रखा।
पंजाब के बने टॉप ऑटोमोबाइल के डीलर
1968 में उनके बड़े बेटे रमेश मित्तल ने इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 11वीं के बाद पढ़ाई ही छोड़ दी। 1977 में दूसरे बेटे नरेश मित्तल भी इसी व्यवसाय से जुड़ गए। देखते ही देखते लवली स्वीट्स के नाम पंजाब के कौने-कौन में फैलने लगा।
1984 में अशोक मित्तल पढ़ाई के साथ-साथ पिता के व्यवसाय में आ गए और 1991 में ऑटो मोबाइल सेक्टर में कारोबार की शुरुआत बजाज कंपनी की डीलरशिप से की। 1996 में मारुति सुजुकी की लीडरशिप ली और अशोक मित्तल पंजाब के टॉप ऑटोमोबाइल के डीलर बने।

2001 में रखी एलपीयू की नींव
अशोक मित्तल ने 2001 में फगवाड़ा में 3.5 एकड़ जमीन लेकर कॉलेज की स्थापना की और कॉलेज अच्छा चलता गया। 2004 में उनके पिता बलदेव राज मित्तल का निधन हो गया। उसके बाद 2005 में लवली कॉलेज को प्राइवेट यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला। जहां 50 देशों के 30 से 35 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं।
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2022 में आप की राजनीति में आए फिर बीजेपी के हो गए
डॉ. अशोक मित्तल को 2022 में आम आदमी पार्टी में शामिल किया गया, जिसके बाद वे निरंतर राजनीति में सक्रिय रहे और उन्हें मार्च में राज्यसभा का सदस्य बनाया गया। दो अप्रैल को उन्हें राघव चड्ढा की जगह पर आप पार्टी का नया उपनेता बनाया गया।
मगर 22 दिन बाद वह आप छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुए। तब वे राघव चड्ढा, संदीप पाठक के साथ दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए थे।
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