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LPU Protest: सुनील जाखड़ ने की NIA जांच की मांग, विपक्ष ने पुलिस पर उठाए सवाल; बवाल के बाद पंजाब में मचा सियासी घमासान

Published: Mon, 28 Sep 2026 04:42 PM (IST)

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए हंगामे और पुलिस कार्रवाई के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है, विपक्षी नेताओं ने सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं।

LPU Protest: सुनील जाखड़ ने की NIA जांच की मांग। फाइल फोटो

LPU Protest: सुनील जाखड़ ने की NIA जांच की मांग। फाइल फोटो

HighLights

  1. एलपीयू हंगामे के बाद पंजाब की सियासत में उबाल।

  2. सुनील जाखड़ ने एनआईए जांच की मांग की।

  3. हरसिमरत कौर बादल ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में रविवार रात हुए हंगामे और पुलिस कार्रवाई के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने घटनाक्रम को लेकर सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पूरे मामले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच बाहरी हथियारबंद लोगों की कथित मौजूदगी और इसके बाद अचानक बिगड़े हालात के पीछे कौन लोग थे, इसकी तह तक जाना जरूरी है।

वहीं, बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पुलिस के कथित लाठीचार्ज पर सवाल उठाते हुए युवाओं और खासकर लड़कियों के साथ व्यवहार की जांच की मांग की है।

जाखड़ ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा संदेश में कहा कि विद्यार्थियों के हितों और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे घटनाक्रम और इससे पहले हुई संबंधित घटनाओं की जांच एनआईए से कराई जानी चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विद्यार्थियों की भावनाओं की आड़ में पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश हुई। जाखड़ ने यह भी कहा कि जांच से स्पष्ट होना चाहिए कि घटनाक्रम के पीछे कोई बाहरी या आंतरिक ताकत सक्रिय थी या नहीं।

राजनीतिक रंजिश और अलगाववादी कनेक्शन की भी जांच की मांग

जाखड़ ने आरोप लगाया कि राजनीतिक रंजिश के तहत युवाओं की भावनाओं का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। उन्होंने पड़ोसी देश और अमेरिका में बैठे अलगाववादियों के कथित गुर्गों की भूमिका की जांच की मांग भी की। साथ ही आम आदमी पार्टी पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई के आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव नजदीक होने के कारण इस पहलू की भी जांच जरूरी है।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 30 सितंबर को प्रस्तावित जालंधर रैली से पहले माहौल खराब करने की आशंका भी जताई। हालांकि, एलपीयू घटनाक्रम और अमित शाह के कार्यक्रम के बीच किसी संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

नशा मुक्ति यात्रा को डिरेल करने का भाजपा का आरोप

भाजपा नेताओं ने एलपीयू विवाद को पार्टी की ओर से चल रही नशा मुक्ति पंजाब यात्रा से भी जोड़कर सवाल उठाए हैं। भाजपा का आरोप है कि यात्रा को पंजाब में समर्थन मिल रहा था और इसी दौरान एलपीयू विवाद सामने आया।

पार्टी नेताओं ने आशंका जताई कि विवाद के जरिये लोगों का ध्यान नशा मुक्ति अभियान से हटाने और यात्रा को डिरेल करने की कोशिश की गई। पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी इंटरनेट मीडिया पर सरकार पर निशाना साधते हुए पूरे मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग की। ये भाजपा के राजनीतिक आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

हरसिमरत ने लाठीचार्ज के वीडियो पर उठाए सवाल

हरसिमरत कौर बादल ने पुलिस के कथित ‘माइल्ड लाठीचार्ज’ पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सामने आए वीडियो में युवाओं, विशेषकर लड़कियों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट, धक्का देने और जमीन पर घसीटने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि एलपीयू में दुनिया के कई देशों से स्टूडेंट पढ़ते हैं। ऐसे में पुलिस कार्रवाई से यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा और पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठते हैं।

मजीठिया ने पूछा- बाहरी लोग कौन थे

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्टूडेंट को राजनीतिक लड़ाई में मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने परिसर में बाहरी लोगों की कथित मौजूदगी, वॉकी-टॉकी, बैट और अन्य सामान होने के दावों की जांच की मांग की। उन्होंने एनआईए या केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।

इस पूरे विवाद के बीच अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटनाक्रम की शुरुआत कैसे हुई, बाहरी लोगों की मौजूदगी थी या नहीं, हिंसा में कौन शामिल था और पुलिस कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई। सरकार की ओर से निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इन आरोपों और दावों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।