विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pilibhit Encounter: लंदन में बैठे आतंकी कुलवीर की थी प्लानिंग, इसी ने बनवाए थे तीनों आतंकियों के फर्जी आधार कार्ड

Published: Sat, 28 Dec 2024 06:24 PM (IST)

Pilibhit Encounter उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों के तार लंदन से जुड़े हैं। आतंकी कुलवीर ...और पढ़ें

Pilibhit Encounter: पीलीभीत एनकाउंटर में मारे गए आतंकी (जागरण फोटो)
Pilibhit Encounter: पीलीभीत एनकाउंटर में मारे गए आतंकी (जागरण फोटो)

HighLights

  1. आतंकी सिद्धू ने बनवाए थे तीनों आतंकियों के फर्जी आधार कार्ड
  2. सिद्धू को शरण देने वाले से पूछताछ
  3. विहिप नेता की हत्या करके लंदन भागे थे आतंकी

जागरण संवाददाता, गुरदासपुर। एनकाउंटर में मारे गए खालिस्तान समर्थक आतंकी गुरविंदर सिंह, वीरेंद्र व जश्नप्रीत का पूरनपुर पहुंचना सुनियोजित था। उन तीनों को लंदन में बैठा 10 लाख का इनामी आतंकी कुलवीर सिंह सिद्धू फोन पर निरंतर मदद पहुंचा रहा था।

सिद्धू नौ महीने पूरनपुर क्षेत्र में रहकर अपना नेटवर्क बना गया था। आशंका जताई जा रही यहीं से उसने पूरनपुर के पते पर फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाया और 13 अप्रैल में नंगल में विश्व हिंदू परिषद नेता प्रभाकर उर्फ विकास बग्गा की हत्या कर विदेश भाग गया था।

आतंकियों को दिलवाया था कमरा

उसी की फोन कॉल पर गजरौला जप्ती गांव के जसपाल ने आतंकियों को होटल हरजी में कमरा उपलब्ध कराया था। पुलिस को गिरफ्तार किए गए जसपाल से यह जानकारियां मिली हैं।

जसपाल को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। अब सिद्धू की जड़ें तलाशने व उसे शरण देने वाले युवक से पूछताछ की जा रही। 18 दिसंबर की रात गुरदासपुर में पुलिस चौकी पर हमले के बाद आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के तीनों आतंकी पूरनपुर में छिपे थे। जांच में पता चला है कि आतंकी सिद्धू ने 20 दिसंबर को जसपाल को फोन कर तीनों आतंकियों को होटल में कमरा दिलवाया था।

फर्जी आधार कार्ड को आइडी के रूप में इस्तेमाल किया

उसी ने जसपाल के व्हाट्सएप नंबर पर तीनों आतंकियों के फर्जी आधार कार्ड भेजे जिन्हें आइडी के रूप में उपयोग किया गया था। मूलरूप से हरियाणा के जिला यमुनानगर के जगाधरी का न‍िवासी कुलवीर सिंह सिद्धू ने कोरोना काल में एक ग्राम प्रधान के भाई से शरण मांगी थी।

उस समय उसका कोई भी अपराधिक इतिहास नहीं था। वह बहाने से गजरौला जप्‍ती गांव में रहने लगा। सिद्धू ने सांठगांठ कर फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवा लिया। इसके बाद आवेदन कर पासपोर्ट जारी करा लिया।

20 सितंबर को घुंघचाई क्षेत्र की ग्राम पंचायत शेरपुर मकरंदपुर के ग्राम प्रधान निर्मल सिंह ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में कुछ लोग उनके फर्जी हस्ताक्षर और ग्राम पंचायत की मोहर लगाकर निवास का सत्यापन कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस से मिलीभगत कर पासपोर्ट जारी कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- पीलीभीत में मारे गए तीनों आतंकियों के थे 5 मददगार, होटल दिलाया; पैसा कम कराया और भागने के लिए दी थी चोरी की बाइक

10 लाख की रंगदारी नहीं देने वाले की हत्या करने पहुंचे थे आतंकी?

आइलेट सेंटर संचालक गांव घनश्यामपुर निवासी मलकीत सिंह शुक्रवार को कोतवाली पहुंचा। पुलिस को बताया कि वह इंग्लैंड जाने की तैयारी कर रहा था।

सात सितंबर को उसके पास एक अज्ञात नंबर से रिंदा नामक व्यक्ति का काल आया। उसे जान से मारने की धमकी देते हुए दस लाख की रंगदारी मांगी गई। उसने नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया और तीन माह पहले दस सितम्बर को वह इंग्लैंड चला गया। वहां पहुंचते ही सिद्धू नामक व्यक्ति का फोन आया जिसने दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी।

उसका नंबर ब्लैक लिस्ट में डालने पर उसने ग्रेनेड हमले की तस्वीर व्हाट्सएप की। इसके बाद छह दिसम्बर को किसी फतेह सिंह वागी नामक व्यक्ति ने काल की और दस लाख की नकदी देने को धमकी दी। साथ ही, हथियारों से लैस आतंकियों के फोटो डालकर धमकाया।

यह भी पढ़ें- पीलीभीत एनकाउंटर में नया खुलासा, लंदन में बैठे खालिस्तानी समर्थक के मैसेज पर उत्तर प्रदेश पहुंचे थे तीनों आतंकी