यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
निजी स्कूलों को वापस करनी पड़ सकती है ज्यादा वसूली फीस
पंजाब में करीब 712 निजी स्कूलों को वसूली गई अधिक फीस वापस करनी पड़ेगी। इस संबंध में हाईकोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।

गुरदासपुर, [बाल कृष्ण कालिया]। पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगने की उम्मीद है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से सेवामुक्त जस्टिस अमरदत्त की कमेटी ने हाईकोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस पर अमल किया गया, तो राज्य के 712 स्कूलों को फीस वापस करनी पड़ सकती है। निजी स्कूलों के खिलाफ मनमानी फीस के मुद्दे पर लड़ाई लड़ रहे अभिभावकों के लिए यह रिपोर्ट आशा की किरण लेकर आई है।
रिपोर्ट में जस्टिस अमरदत्त ने साफ कहा है कि राज्य के निजी स्कूलों ने नियमों को ताक में रखकर फीस में वृद्धि की है। यह सरासर अभिभावकों से लूट है। इसलिए स्कूलों की ओर से वसूली गई ज्यादा फीस वापस की जाए। 372 पेजों की इस रिपोर्ट में आइसीएसई, सीबीएससी व पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड से संबद्ध उन स्कूलों की सूची भी शामिल की गई है, जिन्होंने ज्यादा फीस वसूली है।
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इस कमेटी का गठन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिकाओं के तहत किया गया था। कोर्ट ने 9 अप्रैल, 2013 को जस्टिस अमर दत्त के नेतृत्व में तीन सदस्यों वाली कमेटी बनाई थी। कमेटी ने राज्य के सभी स्कूलों से 43 बिंदुआें पर रिपोर्ट मांगी थी। इसमें स्कूलों की ओर से 2012-13 व 2013-14 के खातों संबंधी जानकारी मांगी गई थी। इसके अलावा उनके हर छोटे-बड़े खर्च का ब्योरा भी मांगा था।
शिक्षा विभाग से पूछा-क्यों नहीं की कार्रवाई
कमेटी ने रिपोर्ट में पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि निजी स्कूलों ने सरेआम नियमों का उल्लंघन किया, लेकिन विभाग ने समय रहते इन स्कूलों पर कार्रवाई क्यों नहीं की। अगर शिक्षा विभाग समय रहते इन स्कूलों पर कार्रवाई करता, तो स्कूलों के हौसले कभी बुलंद न होते।
नो प्रॉफिट नो लॉस पर चलाना होता है स्कूल
रिपोर्ट में लिखा है कि प्राइवेट स्कूल मान्यता लेते समय इस बात का शपथ पत्र देकर वादा करते हैं कि वह किसी प्रकार की मुनाफाखोरी नहीं करेंगे। कमेटी ने उन सभी स्कूलों की लिस्ट भी दी है जो ऐसी मुनाफाखोरी में शामिल हैं।
अभिभावक पैसे वापस मांगें: पेरेंट्स एसोसिएशन
पंजाब पेरेंट्स एसोसिएशन के राज्य उपाध्यक्ष सुनंदन शर्मा का कहना है कि रिपोर्ट लागू करवाने के लिए पंजाब सरकार को ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेना चाहिए, जिन्होंने अभिभावकों से लूट की है। स्कूलों को पैसे वापस करने चाहिए। जल्द ही बैठक बुलाकर जिला प्रशासन पर निजी स्कूलों की ओर से गलत ढंग से वसूली गई फीस वापस करने का दबाव बनाया जाएगा।
राज्य भर में चला था आंदोलन
इस वर्ष व पिछले वर्ष एडमिशन के दौरान राज्य भर के अभिभावकों ने प्राइवेट स्कूलों की ओर विभिन्न मदों में ज्यादा फीस व फंड वसूलने की शिकायतों के बाद आंदोलन छेड़ा था और हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। इसके बाद ही कमेटी गठित की गई थी।
