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1 घंटे की बारिश ने फाजिल्का की अनाज मंडी को बनाया तालाब: पानी में तैरती दिखी किसानों की मेहनत, धान की फसल हुई तबाह

Published: Sun, 11 Oct 2026 09:39 AM (IST)

फाजिल्का में एक घंटे की तेज बारिश से अनाज मंडी तालाब बन गई, जिससे खुले में पड़ी धान की फसल ...और पढ़ें

जलभराव से मंडी में डूबी धान की फसल।

जलभराव से मंडी में डूबी धान की फसल।

HighLights

  1. एक घंटे की तेज बारिश से फाजिल्का मंडी जलमग्न

  2. खुले में पड़ी धान की फसल पानी में हुई तबाह

  3. किसान अपनी मेहनत बचाने के लिए संघर्ष करते दिखे

मोहित गिलहोत्रा, फाजिल्का। रविवार सुबह करीब पांच बजे मौसम ने अचानक करवट बदली और करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया। बारिश का सबसे ज्यादा असर फाजिल्का की अनाज मंडी में देखने को मिला, जहां पानी भरने से मंडी तालाब में तब्दील हो गई।

खुले में पड़ी धान की फसल पानी में तैरती नजर आई। अपनी मेहनत की उपज को पानी में डूबता देख किसान परेशान दिखाई दिए। कई किसान पानी के बीच से धान को उठाकर अपनी फसल बचाने की कोशिश करते रहे।

मंडी में जलभराव के हालात ने अनाज की संभाल और पानी की निकासी को लेकर किए गए प्रबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों के लिए फसल मंडी तक पहुंचाना ही बड़ी चुनौती नहीं, बल्कि वहां पहुंचने के बाद उसे बारिश से बचाना भी मुश्किल होता दिखाई दिया।

बारिश की वजह से तालाब बन गई अनाज मंडी

बारिश के बाद अनाज मंडी में जगह-जगह पानी जमा हो गया। मंडी परिसर में भरे पानी के बीच धान की बोरियों और खुले में पड़ी फसल को बचाने के लिए किसानों को मशक्कत करनी पड़ी।

किसानों की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ गई कि यदि पानी की निकासी जल्द नहीं हुई तो फसल को और नुकसान पहुंच सकता है। मंडी में धान की खरीद और संभाल के लिए किए जाने वाले प्रबंधों के बीच बारिश ने व्यवस्था की असल स्थिति सामने ला दी। एक ओर किसान दिन-रात मेहनत करके अपनी फसल तैयार करते हैं, वहीं दूसरी ओर मंडी में पहुंचने के बाद यदि उनकी उपज बारिश के पानी में डूबने लगे तो उनकी परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है।

पानी की निकासी के लिए जुटे कर्मचारी

तेज बारिश के बाद मंडी सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। नगर कौंसिल की ओर से पानी की निकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जमा पानी को जल्द से जल्द निकाला जा सके।

हालांकि, मंडी में पानी भरने के कारण किसानों को अपनी फसल बचाने के लिए खुद ही प्रयास करने पड़े। बारिश के बाद पैदा हुए हालात ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि मंडी में जलनिकासी के पर्याप्त प्रबंध क्यों नहीं हो सके।

यदि बारिश के मौसम को देखते हुए पहले से उचित व्यवस्था की गई होती तो किसानों को इस तरह अपनी फसल पानी के बीच से उठाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।

शहर में भी जनजीवन प्रभावित, बिजली गुल

बारिश का असर केवल अनाज मंडी तक सीमित नहीं रहा। शहर के कई हिस्सों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह करीब पांच बजे से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही और समाचार लिखे जाने तक शहर में बिजली गुल थी।

बारिश के बाद जलभराव और बिजली बंद होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। नगर कौंसिल की ओर से पानी की निकासी के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मंडी में फसल के पानी में डूबने से किसानों की चिंता सबसे अधिक बढ़ गई है।

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