पंजाब विधानसभा स्पकीकर संधवा बोले- दिल्ली विधानसभा को पंजाब के पुलिस अधिकारियों को तलब का अधिकार नहीं
पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी से जुड़े वायरल वीडियो पर जालंधर पुलिस की ...और पढ़ें

पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा।
HighLights
स्पीकर संधवां ने आतिशी वीडियो पर पंजाब पुलिस FIR का समर्थन किया।
दिल्ली विधानसभा के तलब करने के अधिकार पर संधवां ने सवाल उठाए।
पुलिस कार्रवाई को संवैधानिक और कानून के दायरे में बताया।
देवा नंद शर्मा, फरदकोट। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी से जुड़ी वायरल वीडियो के मामले में जालंधर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की यह कार्रवाई कानून के दायरे में है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई भी संवेदनशील वीडियो समाज के बीच में आती है, उससे किसी तरह की अव्यवस्था फैलने की आशंका है तो पुलिस का अधिकार है कि वह उस पर कार्रवाई करे। इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। पंजाब पुलिस ने अपने अधिकार के दायरे में रहकर यह कार्यवाही की है।
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दिल्ली विधानसभा के क्षेत्राधिकार पर उठाए सवाल
कुलतार सिंह संधवा फरीदकोट दौरे पर थे। उन्होंने इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि संबंधित वीडियो पहले से ही पब्लिक डोमेन में उपलब्ध थी। उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि दिल्ली विधानसभा ने इस वीडियो को अपनी कार्यवाही के आधिकारिक रिकॉर्ड से अब तक नहीं हटाया है, इसलिए पंजाब पुलिस की कार्रवाई किसी भी तरह से विशेषाधिकार हनन के दायरे में नहीं आती।'
'संधवां ने कड़े शब्दों में कहा कि इस मामले में दिल्ली विधानसभा द्वारा पंजाब पुलिस के अधिकारियों को तलब करने का कोई संवैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं बनता। पंजाब पुलिस की कार्रवाई उसके संवैधानिक अधिकार के दायरे में हैं।'
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संस्थागत मर्यादा की अपील
'स्पीकर ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को एक-दूसरे के अधिकार क्षेत्र और मर्यादा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कोई सामग्री सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो और उससे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा पैदा होने की आशंका हो, तो पुलिस का कर्तव्य है कि वह त्वरित कार्रवाई करे। संधवां ने दोहराया कि पंजाब सरकार और पुलिस कानून के शासन के प्रति वचनबद्ध हैं और जनता की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'
