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कौन हैं राजा वड़िंग? जिन्होंने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, ब्लॉक यूथ से प्रदेश प्रधान तक का सियासी सफर

Published: Thu, 01 Oct 2026 07:52 PM (IST)Updated: Thu, 01 Oct 2026 08:41 PM (IST)

पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी घमासान के बीच अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल पैदा हो गई है।

राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा।

राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा।

HighLights

  1. राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया।

  2. नवजोत सिद्धू के इस्तीफे के बाद संभाली थी पार्टी की कमान।

  3. ब्लॉक यूथ मुखिया से प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर तय किया।

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में पिछले कई दिनो से मचा अंदरूनी घमासान के बीच अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद सोशल मीडिया प्रोफाइल भी अपडेट कर लिया है। इसके बाद पंजाब में सियासी हलचल पैदा हो गई है।इस्तीफे के बाद राहुल गांधी से मिलने दिल्ली रवाना हो गए। कांग्रेस के कई बड़े नेता भी दिल्ली पहुंच रहे हैं।

सिद्धू के बाद बने थे पंजाब प्रधान

बता दें कि कांग्रेस के हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे के बाद राजा वड़िंग को पंजाब की कमान सौंपी थी। उन्हें उस वक्त कमान सौंपी गई थी, जब पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। 18 सीटों पर ही पार्टी सिमट गई थी।

बसों की चेकिंग करने रात में निकल जाते थे

चन्नी सरकार में राजा वड़िंग ट्रांसपोर्ट मंत्री बने थे तो रात में भी बसों की चेकिंग करने निकल जाते थे। पंजाब के कई जिलों में राजा वड़िंग ने बिना परमिट चल रही बसों को जब्त कर करोड़ों का जुर्माना वसूला था।

राजा वड़िंग का सियासी सफर

राजा वड़िंग ने अपनी सियासत की शुरूआत कांग्रेस के पूर्व सांसद जगमीत सिंह बराड़ की अगुआई में शुरू की थी। राजा वड़िंग साल 2000 में मुक्तसर साहिब के ब्लॉक यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। इसके बाद राजा वड़िंग ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अपनी काबिलियत के दम पर लगातार आगे बढ़ते रहे। 2005 में वह यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने।

2012 में बने थे पहली बार विधायक

2008 में वड़िंग को पंजाब यूथ कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया। 2009 में यूथ कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। जबकि उसके बाद वर्ष 2014 में वह यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। राजा वड़िंग साल 2012 में पहली बार गिद्दड़बाहा विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा।

पीपीपी प्रत्याशी मनप्रीत बादल को हराकर विधायक बने थे। वर्ष 2017 और अब 2022 के चुनावों में उन्होंने शिअद प्रत्याशी हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों को हराया।

पंजाब में आप (AAP) की आंधी के बावजूद 2022 के विधानसभा चुनाव में वड़िंग तीसरी बार विधायक बनने में कामयाब रहे। राजा वड़िंग कैप्टन सरकार में उनके राजनीतिक सलाहकार रहे, जबकि चन्नी सरकार में वह ट्रांसपोर्ट मंत्री रहे।

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