चंडीगढ़, [इन्द्रप्रीत सिंह]। Punjab Assembly Budget Session में बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने को कहा कि पंजाब किसी हालत में पानी की एक बूंद भी अन्‍य राज्यों को नहीं देगा। शहीद हो जाएंगे, लेकिन एक बूंद पानी भी दूसरे राज्यों को नहीं देंगे। हमारे साथ नाइंसाफी हुई है।

कहा- नदी जल के मामले में पंजाब के साथ नाइंसाफी हुई, हमारे पास अतिरिक्‍त पानी नहीं

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण बहस का जवाब दिया। उन्‍होंने कहा कि पंजाब के पास अतिरिक्‍त पानी नहीं है। कैप्टन ने कहा, संयुक्त पंजाब में यमुना नदी भी थी जिसमें 5.58 एमएएफ पानी था। जब पंजाब और हरियाणा में 60:40 में हर चीज बंटी थी तो यमुना का 60 फीसदी पानी हमें क्यों नहीं दिया गया? हमारी रावी और ब्यास का पानी ले गए। उस समय हमारी नदियों में पास 17.1 एमएएफ था और अब यह 13 पर आ गया है। भूजल गिरता जा रहा है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह के जवाब में आम आदमी पार्टी की दिल्ली में हुई जीत की झलक साफ दिख रही थी। ऐसा लग रहा था कि मानों वह आप के दिल्ली के मुद्दों का पंजाब में जवाब दे रहे हैं। उन्होंने अपना पूरा फोकस, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और रोजगार पर रखा और दावा किया कि इन सभी मुद्दों पर पंजाब दिल्ली की अपेक्षा ज्यादा काम कर रही है।

कर्मचारियों के लिए लागू होगा छठा वेतन आयोग

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों को ध्‍यान में रखते हुए कैप्‍टन अमरिंदर ने बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार वेतन देने के लिए इसी साल से रिपोर्ट लागू करने की कोशिश की जाएगी।

काबिले गौर है कि सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव जय सिंह गिल की अगुवाई में आयोग का गठन किया हुआ है जिन्होंने अपनी रिपोर्ट अभी सरकार को सौंपनी है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद 28 फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट में वित्तमंत्री मनप्रीत बादल इसके लिए अतिरिक्त राशि का प्रावधान कर सकते हैं। पांचवें वेतन आयोग की रिपोर्ट भी पंजाब सरकार ने तीन साल बाद लागू की थी और उसे लागू करने में खजाने पर 2600 करोड़ रुपये सालाना का बोझ पड़ा था।

पंजाब में लोकपाल कानून जल्द बनेगा, सीएम भी होगा दायरे में

भ्रष्टाचार पर नकेल कसने पर अपने वादे की चर्चा करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि सरकार जल्द ही नया लोकपाल कानून लाएगी। इस कानून के दायरे में मुख्यमंत्री भी होगा। बता दें कि कांग्रेस के विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि वह मजबूत लोकपाल कानून बनाएगी।

किसानों को फसलों के एमएसपी मुद्दे पर पीएम से मिलेगा सर्वदलीय शिष्टमंडल

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बंद करने की शुरू की गई कवायद पर चिंता जताई! उन्‍होंने कहा कि इस मामले में जल्द ही प्रधानमंत्री से पंजाब का सर्व दलीय शिष्टमंडल मिलेगा।

किसानों की मुफ़्त बिजली नहीं होगी बंद

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जब तक उनकी सरकार है किसानों को मिलने वाली मुफ़्त बिजली की सुविधा वापस नहीं के ली जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर अफवाएं विरोधियों द्वारा फैलाई जा रही हैं।

कृषि कर्जमाफी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 5.62 लाख योग्य किसानों का 4603 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज माफ किया गया है। अन्‍य किसानों को जल्द राहत दी जाएगी। इसके लिए वित्त मंत्री द्वारा शुक्रवार को  बजट में प्रावधान किया जाएगा।

सीएम ने ये ये प्रमुख घोषणाएं भी कीं-

- पंजाब में जारी रहेगी आरक्षण नीति, नहीं होगा कोई बदलाव।

- तरनतारन में बनेगी राज्य की दूसरी लॉ यूनिवर्सिटी।

- राज्‍य में 13980 बेघरों को दिए गए घर।

- 515 करोड़ पराली को संभालने के लिए मशीनों पर किए गए खर्च।

- 1369 वेलनेस सेंटर बनाए, इन पर 70 करोड़ रुपये खर्च। साल के अंत तक 2000 बनाए जाएंगे।

 

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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