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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिन्हा की सलाह, चंडीगढ़ एयरपोर्ट के नाम पर पंजाब-हरियाणा मिलकर लें फैसला

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Fri, 22 Sep 2017 08:05 PM (IST)Updated: Sat, 23 Sep 2017 01:53 PM (IST)

नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने पंजाब एवं हरियाणा को सलाह दी कि दोनों मिल बैठकर चंडीगढ़ एयरपोर्ट के नाम को लेकर सहमति बनाएं।

सिन्हा की सलाह, चंडीगढ़ एयरपोर्ट के नाम पर पंजाब-हरियाणा मिलकर लें फैसला
सिन्हा की सलाह, चंडीगढ़ एयरपोर्ट के नाम पर पंजाब-हरियाणा मिलकर लें फैसला

जेएनएन, मोहाली। चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम को लेकर जो विवाद है, वह पंजाब और हरियाणा के बीच में है। नाम पर फैसला दोनों राज्यों ने आपसी सहमति के साथ करना है। इसमें केंद्र का कोई हस्तक्षेप फिलहाल नहीं है। यह बातें इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आइएसबी) में शुक्रवार को आयोजित दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने पत्रकारों से कहीं। 

उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ आने वाले दिनों में इस रीजन का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। एयरपोर्ट पर जहां तक नाइट ऑवर्स बढ़ाने की बात है, वह लाइट्स के अनुसार बढ़ेंगे। जैसे-जैसे लाइट्स बढ़ेंगी, वैसे-वैसे सुविधाएं व नाइट्स ऑवर्स खुद ब खुद बढ़ जाएंगे।

देश में लागू है ओपन स्काई पॉलिसी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में ओपन स्काई पॉलिसी लागू है। कोई भी एयरलायंस चंडीगढ़ एयरपोर्ट से लंदन से लेकर अमेरिका तक फ्लाइट ले जा सकती है। इसके लिए किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है।

पहाड़ी इलाकों की ओर भी विशेष ध्यान

उन्होंने कहा कि देश में हर छोटे-बड़े शहरों को विमान सेवाओं के साथ जोड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए 9 से लेकर 19 सीटर विमानों व हेलीकॉप्टरों को तवज्जो दी जा रही है। नॉर्थ रीजन में जम्मू कश्मीर, शिमला, पठानकोट आदि को विमान सेवाओं के साथ जोड़ने के प्रयास जारी हैं। सरकार पहाड़ी इलाकों को विमान सेवाओं से जोडऩे के लिए भरसक प्रयास कर रही है।

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