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कागजों में बच्चे, जेब में फंड! मजीठिया ने संगरूर के स्कूलों में उठाया फर्जीवाड़े का मुद्दा, जांच की रखी मांग

Published: Mon, 14 Sep 2026 12:45 PM (IST)

तीन सरकारी प्राथमिक स्कूलों में फर्जी दाखिलों और सरकारी फंड के दुरुपयोग के आरोपों से हड़कंप मच गया है। विपक्षी ...और पढ़ें

अकाली नेता बिक्रम मजीठिया।

अकाली नेता बिक्रम मजीठिया।

रोहित कुमार, चंडीगढ़। संगरूर के भिंडरा सेंटर के अधीन तीन सरकारी प्राथमिक स्कूलों में फर्जी दाखिलों, कागजों में छात्रों की हाजिरी और सरकारी योजनाओं के फंड के कथित दुरुपयोग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर इस मामले को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल छोड़ चुके बच्चों के नाम पर वजीफा, भोजन और ग्रांट का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया और गरीब अनुसूचित जाति (एससी) बच्चों के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया गया।

मजीठिया ने कहा कि मामले की शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक पहुंच गई है। उन्होंने आयोग से पंजाब स्तर पर किसी केंद्रीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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तीन सरकारी स्कूलों को लेकर शिकायत

11 अगस्त 2026 को संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत एनसीएससी को भेजी शिकायत में सरकारी प्राथमिक स्कूल भिंडरा, सरकारी प्राथमिक स्कूल बलियां और सरकारी प्राथमिक स्कूल संतोकपुरा का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि गांव छोड़ चुके प्रवासी बच्चों के नाम स्कूल रिकार्ड में बनाए रखे गए और उनके नाम पर लंबे समय तक हाजिरी दर्ज की गई।

कुछ ऐसे बच्चों के नाम भी सरकारी स्कूलों में दर्ज होने का दावा किया गया है, जो निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं या कथित तौर पर अस्तित्व में नहीं हैं।शिकायत में आरोप है कि फर्जी छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों के पद बनाए रखने तथा मिड-डे मील, वजीफा और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ का कथित दुरुपयोग किया गया।

तीन RTI के जवाब नहीं मिलने का आरोप

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मामले की जानकारी जुटाने के लिए तीन अलग-अलग आरटीआइ आवेदन दायर किए गए, लेकिन उनका जवाब नहीं मिला। ई-पंजाब और यू-डायस पोर्टल पर छात्रों की उपस्थिति और मूल्यांकन से संबंधित आंकड़ों में भी कथित हेरफेर का आरोप लगाया गया है।

शिकायत में एसएमसी ग्रांट, बच्चों को मिलने वाले वजीफे, यूनिफार्म, किताबों और मिड-डे मील के अलावा आयरन-फोलिक एसिड तथा एल्बेंडाजोल की गोलियों के वितरण में भी अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं।

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एनसीएससी मुख्यालय में सुनवाई की मांग

शिकायतकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं होने की आशंका जताते हुए एनसीएससी मुख्यालय नई दिल्ली में सुनवाई कराने की मांग की है। साथ ही स्कूलों के प्रवेश, हाजिरी, मिड-डे मील, वजीफा और अन्य योजनाओं से जुड़े रिकार्ड सुरक्षित रखने की मांग की गई है।

मजीठिया ने अपनी पोस्ट में सरकार पर गरीब एससी बच्चों के अधिकारों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए एनसीएससी से मामले में सख्त कार्रवाई की अपील की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित शिक्षा विभाग और अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

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