पंजाब में चुनावी मोर्चे पर उतरेगी सचिन पायलट और परगट सिंह की जोड़ी, मानसा से आज होगी शुरुआत
सचिन पायलट और परगट सिंह पंजाब में कांग्रेस की 2027 विधानसभा चुनाव तैयारियों का जायजा लेने के लिए 16 से ...और पढ़ें

सचिन पायलट और परगट सिंह का आज से चुनावी दौरा शुरू।
HighLights
पायलट और परगट सिंह का पंजाब में पांच दिवसीय चुनावी दौरा
मानसा से शुरू, 2027 विधानसभा चुनावों की रणनीति पर फोकस
नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बनेगी
डॉ सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस अब जमीन पर सक्रिय होने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट और नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर राजनीतिक माहौल, संगठन की स्थिति और जनता के मुद्दों का जायजा लेंगे।
16 से 20 अक्टूबर तक प्रस्तावित इस दौरे को कांग्रेस की चुनावी रणनीति की शुरुआती कड़ी माना जा रहा है। दोनों नेता जमीनी स्तर से फीडबैक जुटाकर पार्टी नेतृत्व को रिपोर्ट देंगे। इसके बाद राहुल गांधी के पंजाब दौरे की रूपरेखा तैयार होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, सचिन पायलट 16 अक्टूबर को दिल्ली से चंडीगढ़ पहुंचेंगे और वहां से मानसा के लिए रवाना होंगे। हालांकि, फिलहाल उनके शुरुआती दो दिनों का कार्यक्रम ही तय हुआ है।
अगले तीन दिनों का कार्यक्रम फीडबैक और दौरे की परिस्थितियों के अनुसार अंतिम रूप दिया जाएगा। परगट सिंह भी उनके साथ विभिन्न जिलों में पहुंचकर संगठनात्मक तैयारियों और स्थानीय मुद्दों की जानकारी लेंगे।
नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी
पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा को मानसा में गोली मारे जाने की घटना के बाद नशे का मुद्दा फिर चर्चा के केंद्र में है। इस मामले को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध तेज हुआ है।
15 अक्टूबर को पंजाब बंद के आह्वान का असर भी देखने को मिला। ऐसे में कांग्रेस नेताओं के मानसा दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे के दौरान नशे से प्रभावित परिवारों और उन परिवारों से मुलाकात की संभावना है, जिन्होंने नशे के कारण अपने बच्चों को खोया है।
कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता की नाराजगी, सरकार के खिलाफ उठ रहे सवालों और स्थानीय स्तर पर पार्टी की भूमिका का आकलन कर सकती है।
गुटबाजी के बाद अब चुनावी तैयारी पर जोर
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से चल रही गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर खींचतान के बाद अब पार्टी चुनावी तैयारियों को गति देने की कोशिश में है। परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकता संगठन को एकजुट करना और चुनाव से पहले उसकी जमीनी स्थिति मजबूत करना है।
पायलट और परगट सिंह के बठिंडा, मानसा, मोगा, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर और तरनतारन समेत विभिन्न जिलों में जाने की संभावना है। इन दौरों में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत के साथ जनता के प्रमुख मुद्दों का आकलन किया जाएगा।
राहुल गांधी के दौरे से पहले होगा होमवर्क
कांग्रेस नेतृत्व पंजाब में चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने से पहले जमीनी स्थिति समझना चाहता है। पायलट और परगट सिंह का फीडबैक इसी दिशा में अहम माना जा रहा है।
इसके आधार पर पार्टी की प्राथमिकताएं, संगठनात्मक कमजोरियां और चुनावी रणनीति तय करने में मदद मिलेगी। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पांच दिन के इस प्रस्तावित अभियान से कांग्रेस को कितना ठोस फीडबैक मिलता है और पार्टी उसे चुनावी रणनीति में किस तरह बदलती है।
राहुल गांधी के संभावित पंजाब दौरे से पहले यह कवायद कांग्रेस के लिए अपनी तैयारियों को परखने का महत्वपूर्ण मौका होगा।
यह भी पढ़ें- 'उनका अनुभव बहुत काम आएगा...', दिल्ली में सचिन पायलट से मिले राजा वड़िंग; पंजाब चुनाव की रणनीति पर हुई चर्चा
