यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब आप में भूचाल ; भगवंत मान व अरोड़ा का इस्तीफा, 15 MLA ने की बगावत
अरविंद केजरीवाल के मजीठिया से माफी मांगने पर पंजाब आप में भूचाल आ गया है। प्रदेश प्रधान भगवंत मान व ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा ड्रग्स तस्करी के आरोप लगाए जाने के बाद पूर्व मंत्री विक्रम मजीठिया से लिखित माफी मांगने से आम आदमी पार्टी में में भूचाल आ गया है। पार्टी की पंजाब इकाई ने खुली बगावत कर दी है। अाप के 15 विधायकों ने केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के प्रदेश प्रधान भगवंत मान ने अपने पद से इस्तीफे का ऐलान किया, ताे उसके बाद उपप्रधान अमन अरोड़ा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
बैंस बदर्स ने अपनी पार्टी का आप से गठबंधन तोड़ा
दूसरी ओर, आप विधायकों ने अगल रास्ता अख्तियार करने के संकेत दिए हैं। बताया जाता है कि अाप विधायक दल की बैठक में आप की राष्ट्रीय इकाई से नाता तोड़ने की बात उठी है। उधर, बैंस ब्रदर्स ने भी अपनी पार्टी का आप से नाता तोड़ लिया है। अाप के 15 विधायकों ने केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायकों का यह गुट सांसद धर्मवीर गांधी व पूर्व संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर को साथ लाने की कोशिश है।
कंवर संधू बोले-पंजाब यूनिट के स्वतंत्र रूप से कार्य करने का प्रस्ताव, लेकिन अभी सहमति नहीं बनी

देर शाम पार्टी के वरिष्ठ विधायक कंवर संधू ने विधायक दल की बैठक में कहा कि बैठक के दौरान अधिकतर विधायकों का कहना था कि अब समय आ गया है कि आप की पंजाब इकाई को खुद अपनी बदाैलत कार्य करना चाहिए। लेकिन, इस पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई। इस कारण इस पर फैसला नहीं हो पाया। उधर, पार्टी के सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्ताव पर 20 में से 15 विधायक राजी हैं।
केजरीवाल के मजीठिया से माफी मांगने पर पंजाब आप के नेताओं में भारी नाराजगी
पंजाब में आम आदमी पार्टी के 20 विधायक हैं और आज आप विधायक दल की बैठक चंडीगढ़ में हो रही है। पहले दौर की बैठक में केजरीवाल के माफी मांगने की निंदा की गई। सूत्रों का कहना है कि बैठक में राष्ट्रीय इकाई से पूरी तरह नाता तोड़ने और अलग राह पर चलने की बात थी उठी। इस पर अब शाम में होनेवाली दूसरे चरण की बैठक में चर्चा होगी और कोई फैसला किया जा सकता है। बैठक में आप विधायक दल के नेता सुखपाल सिंह खैहरा के तेवर सबसे अधिक तीखे थे।
भगवंत मान ने पंजाब आप के प्रधान पद से इस्तीफा दिया
पंजाब आप के प्रधान भगवंत मान ने आज पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया। उन्होंने इस सबंध मेें ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट किया में लिखा है, ' मैं पंजाब आप के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं। ...लेकिन ड्रग माफिया और सभी तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी। मेरी यह लड़ाई पंजाब के 'आम आदमी' के तौर पर जारी रहेगी। ' खुद को पंजाब का आम आदमी बताकर उन्होंने एक तरह से आम आदमी पार्टी छाेड़ने का भी संकेत दे दिया। पार्टी के उपप्रधान व सुनाम के विधायक अमन अरोड़ा ने भी पद से इस्तीफा दे दिया है। अरोड़ा ने ट्विटर के जरिये यह जानकारी सांझा की है।
भगवंत मान का ट्वीट-

इससे पहले आप के नेताओं सुखपाल खैहरा, प्रदेश उपाध्यक्ष अमन अरोड़ा व वरिष्ठ नेता कंवर संधू ने कहा कि केजरीवाल ने उनसे सलाह-मशविरा किए बिना ही यह मदम उठाया है। इससे न केवल पार्टी की प्रतिष्ठा को धक्का लगा है बल्कि नशे के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई को भी आघात पहुंचेगा। खैहरा व संधू ने ट्वीट किया है कि अरविंद केजरीवाल द्वारा मांगी गई माफी से हम बहुत हैरान हैं और हमें यह कबूल करने में भी कोई हिचक नहीं है कि केजरीवाल ने इस मामले में माफी मांग ली है।
कंवर संधू ने आगे कहा कि वह अब भी इस मामले की जांच सीबीआई से जांच करवाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ भी केबल माफिया ने केस किया हुआ है लेकिन वह अंत तक इस लड़ाई को पहुंचाएंगे, इसमें डरने की कोई जरूरत नहीं है।
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विधानसभा में आप के उपनेता व प्रदेश उपाध्यक्ष अमन अरोड़ा ने भी कहा है कि इस मामले में उनसे कोई सलाह-मशविरा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि विधानसभा में आज सभी विधायकों की मीटिंग सरकार के एक साल के कार्यकाल को लेकर बुलाई गई है। इसमें निश्चित रूप से केजरीवाल द्वारा मांगी गई माफी के बाद पैदा हुए हालात पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल द्वारा माफी मांगने से पहले पंजाब की टीम से सलाह मशविरा किया जाना चाहिए था।

पत्रकारों से बात करते सिमरजीत सिंह बैंंस और बलविंदर सिंह बैंस।
शाम में लोक इंसाफ पार्टी ने आम आदमी पार्टी से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी। सिमरजीत सिंह बैंस और बलविंदर सिंह बैंस ने यहां कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पूरे पंजाब के साथ धोखा किया है। ऐसे में वह उनकी आम आदमी पार्टी के साथ कोई नाता नहीं रख सकते।
मनीष सिसादिया बोले- पंजाब के नेताओं से बात करेंगे, हम सभी एक साथ हैं
उधर आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि सारा मामला सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, हम सभी एक साथ हैं। हम उनसे (पंजाब के आप नेताओं) से बात करेंगे आैर वे हमारी बातों को समझेंगे।

उल्लेखनीय है कि अरविंद केजरीवाल ने बिक्रम मजीठिया को ड्रग तस्कर बताते हुए चुनाव के दौरान उनके खिलाफ बड़ा मोर्चा खोले रखा था। यही नहीं उन्होंने अपने पार्टी के वर्करों से तो यहां तक कह दिया कि वह गांव-गांव और गली-गली में मजीठिया तस्कर है के पोस्टर लगा कर रखें।
केजरीवाल के फैसले से पार्टी को पहुंचा धक्का
अरविंद केजरीवाल के इस फैसले से आम आदमी पार्टी को बहुत बड़ा धक्का पहुंचा है। अब जबकि अगले हफ्ते बजट सेशन शुरू होने वाला है और आप के नेता ड्रग्स और रेत खनन के मामले को लेकर सरकार और अकाली दल को घेरने की तैयारियां कर रहे हैं। ऐसे में उनके शीर्ष नेता द्वारा माफी मांगने से पार्टी नेता बुरी तरह से पस्त हो गए हैं। खैहरा, संधू के ट्वीट से साफ है कि वे केजरीवाल के इस कदम से कतई सहमत नहीं हैं। हालांकि पार्टी नेता पहले भी यह आरोप लगाते रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल कोई भी कदम उठाने से पहले किसी से भी सलाह-मशवरा नहीं करते और इस मामले में भी उन्होंने ऐसा ही किया है।
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मजीठिया ने केजरीवाल, संजय व खेतान पर किया था मानहानि का केस
मजीठिया ने केजरीवाल के खिलाफ अमृतसर की एक अदालत में केजरीवाल, संजय सिंह व आशीष खेतान के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया था। इस मामले में कई पेशियां हो चुकी हैं। इस मामले में तीनों ही नेताओं को जमानत लेनी पड़ी थी। वीरवार को मजीठिया ने शाम को जल्दबाजी में बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि अरविंद केजरीवाल ने उनसे लिखित माफी मांग ली है। उन्होंने इस संबंधी एक पत्र की कॉपी भी मीडिया कर्मियों को बांटी।
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मजीठिया को दी थी आप की सरकार बनने पर गिरफ्तार करने की धमकी
उल्लेखनीय है कि 2016 में अरविंद केजरीवाल हर मंच से बिक्रम सिंह मजीठिया को ड्रग्स तस्कर बता रहे थे। उन्होंने मजीठिया को चुनौती दी थी कि या तो वह उनके (केजरीवाल) आरोपों के लिए उन्हें गिरफ्तार करवा दें नहीं तो पंजाब में आप की सरकार आने पर मजीठिया को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कोर्ट में मामला पहुंचने के बावजूद केजरीवाल हर मंच से मजीठिया पर ड्रग्स तस्कर होने का आरोप लगाते रहे थे।
मजीठिया ने किया माफ, वापस लेंगे केस
बिक्रम सिंह मजीठिया ने अरविंद केजरीवाल के माफी मांगे जाने पर उन्हें माफ कर दिया है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मजीठिया ने कहा कि चूंकि केजरीवाल ने माफी मांग ली है, तो वह अपने दिल में कोई बैर नहीं रखना चाहते, इसलिए उन्हें माफ कर दिया। संजय सिंह और आशीष खेतान के संबंध में पूछे जाने पर मजीठिया ने कहा कि चूंकि केस सारे पर ही है और केजरीवाल ने माफी मांगी है, इसलिए सभी इसी में शामिल हैं। अत: कोर्ट से केस वापस लिया जाएगा।
ईडी के वकील ने मजीठिया को समन करने की मांग की
यह भी संयोग है कि जिस समय केजरीवाल का माफीनामा मजीठिया को मिला, उसी समय हाईकोर्ट में ईडी के वकील ने ड्रग्स तस्करी के मामले में मजीठिया को पुन: समन करने की जरूरत पर जोर दिया।
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केजरीवाल पहले भी मांगते रहे हैं माफी
यह पहला मामला नहीं है जिसमें केजरीवाल ने माफी मांगी है। इससे पूर्व भी कई बार अपने किए पर उन्हें माफी मांगनी पड़ी है।
- केजरी ने 2014 में बेइमान नेताओं की लिस्ट जारी कि थी जिसमें भाजपा और एनसीपी नेताओं के भी नाम शामिल थे। इस लिस्ट में भाजपा नेता नितिन गडकरी का भी नाम था। जिसके बाद उन्होंने केजरीवाल को धमकी दी थी कि अगर उन्होंने तीन दिन के भीतर माफी नहीं मांगी तो वह उन पर मानहानि का केस ठोकेंगे जिसके बाद खबर आई थी कि केजरीवाल ने गडकरी से मिलकर उनका नाम लिस्ट में होने पर खेद प्रकट किया था।
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- जुलाई 2016 में अमृतसर में गुरुघर में हुई गलती के लिए उन्होंने माफी मांगी और प्रायश्चित किया। दिल्ली के सीएम ने श्री हरिमंदिर साहिब में डेढ़ घंटे बिताया। इस दौरान उन्होंने अरदास की और लंगर के बाद बर्तन साफ किए।
-दिल्ली पुलिस के जवानों के लिए एक साक्षात्कार के दौरान अरविंद केजरीवाल ने अपत्तिजनक शब्द का उपयोग किया था। इसके बाद भी उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी।
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- 49 दिनों तक शासन करने के बाद 2013 में इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद पार्टी की चारों ओर आलोचना हो रही थी। उनको इस गलती का एहसास हुआ और उन्होंने दिल्ली की जनता से माफी मांगी।
