'मेरे लीडर की कोई तो मजबूरी रही होगी...', पंजाब कांग्रेस चीफ की कुर्सी जाने पर फिर छलका राजा वड़िंग का दर्द
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से राहुल गांधी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

राहुल गांधी और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग (फाइल फोटो)
HighLights
राजा वड़िंग ने राहुल गांधी को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंपा
नेता की मजबूरी के चलते राजा वड़िंग ने छोड़ा पद
अगले सप्ताह परगट सिंह बन सकते हैं नए प्रदेश अध्यक्ष
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। किसी शायर ने लिखा है...। कोई तो मजबूरियां रही होगी कोई यूं ही बेवफा नहीं होता.... कुछ ऐसा ही पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष का मानना है।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर राहुल गांधी से करीब एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद वड़िंग ने पंजाब के राजनीतिक हालात, पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों और संगठन को मजबूत करने को लेकर चर्चा की। मुलाकात को उन्होंने काफी अच्छा बताया।
साढे चार साल तक अध्यक्ष रहे वड़िंग
करीब साढ़े चार साल तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभालने के बाद पद से हटाए जाने के घटनाक्रम का असर वड़िंग के बयानों में भी दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी की वजह से ही साढ़े चार साल तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रहे।
इस्तीफा देने के बाद उन्होंने यह भी कहा कि शायद उनके नेता की कोई मजबूरी रही होगी.... जिस कारण उन्हें यह पद छोड़ना पड़ा।
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पायलट से 15 मिनट तक हुई थी मुलाकात: राजा वड़िंग
वड़िंग ने पंजाब के कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट को लेकर भी खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शायद सचिन पायलट चाहते थे कि राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर पार्टी चुनाव में आगे बढ़े। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है। वड़िंग ने बताया कि पायलट से उनकी केवल एक बार करीब 15 मिनट की मुलाकात हुई थी।
वड़िंग को पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने का अंदेशा होने लगा था। इस्तीफे से दो दिन पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर खुद को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बताया था।
इस्तीफे के बाद वड़िंग बाहर से शांत नजर आए, लेकिन उनके अलग-अलग साक्षात्कारों में पद से हटाए जाने की टीस साफ दिखाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि उनसे इस्तीफा नहीं मांगा गया था और उन्होंने परिस्थितियों को समझते हुए खुद इस्तीफा दिया।
अब अगले सप्ताह नए प्रदेश अध्यक्ष और हॉकी लीजेंड परगट सिंह की ताजपोशी होगी। इसका कार्यक्रम चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में होने की संभावना है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव के बाद सभी बड़े नेता एक मंच पर एकजुट होकर 2027 विधानसभा चुनाव के लिए आगे बढ़ेंगे।
