सुबह वड़िंग ने सौंपा राहुल को इस्तीफा, शाम को परगट बने पंजाब कांग्रेस के प्रधान; क्या होंगी अब चुनौतियां?
सुबह राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद, कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व ओलंपियन परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
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ओलिंपियन परगट सिंह बने नए प्रदेश अध्यक्ष।
HighLights
राजा वड़िंग ने राहुल गांधी को पंजाब अध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंपा
पूर्व ओलंपियन परगट सिंह पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान नियुक्त
परगट सिंह के सामने पार्टी को एकजुट करने की बड़ी चुनौती
राज्य ब्यूरो,चंडीगढ़। कांग्रेस हाईकमान ने जालंधर कैंट से विधायक व भारतीय हाकी टीम के कप्तान रहे पूर्व ओलिंपियन परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस प्रधान नियुक्त किया है।
देर शाम को इसकी घोषणा होने के साथ ही राज्य में पिछले कुछ दिनों से विजय इंदर सिंगलो को पंजाब में कांग्रेस के प्रदेश प्रधान बनाए जाने को लेकर चर्चाओं को भी विराम लग गया है।
इससे पहले सुबह पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को नई दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात कर उन्हें अध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंपा। वडिंग के इस्तीफे के कुछ घंटे बाद ही हाईकमान ने परगट को नया प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया।
पंजाब की सियासत में बड़ा फेरबदल
इसके साथ ही करीब तीन महीने से प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की मांग कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा गुट की दोनों ही मांगें अब पूरी हो गई हैं।
हाईकमान ने पहले बघेल को हटाकर सचिन पायलट को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी और अब प्रदेश प्रधान की जिम्मेदारी परगट सिंह को सौंप दी है। वे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट के करीबी माने जाते हैं।
उन्हें एक गंभीर राजनीतिज्ञ भी माना जाता है। परगट की नियुक्ति के साथ ही कांग्रेस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 1 जुलाई को घोषित विभिन्न चुनाव संबंधी समितियों में कोई बदलाव नहीं होगा।
परगट के लिए चुनौती
पद्मश्री, अर्जुन पुरस्कार विजेता व पूर्व पुलिस अधिकारी परगट सिंह के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के विभिन्न धड़ों को एकजुट कर 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देना होगी। गुटबाजी के कारण ही वड़िंग को एक जुलाई को हाईकमान की ओर से उन्हें प्रदेश प्रधान बनाए रखने के बावजूद पद से इस्तीफा देना पड़ा है।
2012 में रखा राजनीति में कदम
परगट सिंह ने 2012 में राजनीति में कदम रखा। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के टिकट पर जालंधर कैंट से विधानसभा चुनाव जीता। नवंबर 2016 में वे शिअद छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए और 2017 व 2022 में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीते। चरणजीत सिंह चन्नी सरकार में सितंबर 2021 से मार्च 2022 तक परगट सिंह पंजाब के कैबिनेट मंत्री रहे।
उन्हें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा सेवाएं तथा एनआरआइ मामलों की जिम्मेदारी दी गई थी। नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश अध्यक्ष रहते वे महासचिव (संगठन) रहे।
कई बार दबाव में भी हाईकमान को फैसले लेने पड़ते हैं : वड़िंग
इससे पहले राहुल से करीब एक घंटे की मुलाकात के बाद वड़िंग ने कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर अपने करीब चार साल के अनुभव की पूरी जानकारी उनको दी।
इसके अलावा प्रदेश में राजनीतिक हालात, पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति को लेकर चर्चा हुई। वड़िंग ने कहा कि जब भी पार्टी को उनकी सेवाओं की जरूरत होगी, वह उपलब्ध रहेंगे।
वड़िंग ने कहा कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं है। कई बार दबाव में भी कई बार हाईकमान को फैसले लेने पड़ते हैं। शायद ऊपर भी ऐसा दबाव था।
