बिजली की बढ़ती मांग के बीच पावरकॉम पर 7,800 करोड़ के घाटे का खतरा! PSEB इंजीनियरों ने CM मान को लिखी चिट्ठी
पंजाब में बढ़ती बिजली मांग और पावरकॉम की कमजोर वित्तीय स्थिति को लेकर इंजीनियरों ने चिंता जताई है। सरकार से ...और पढ़ें

ये प्रतिकात्मक तस्वीर है।
HighLights
पावरकॉम को 7,800 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का अनुमान।
PSEB इंजीनियरों ने मुख्यमंत्री मान को पत्र लिखकर चेताया।
सरकारी क्षेत्र में नए बिजली उत्पादन प्रोजेक्ट शुरू करने की मांग।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग और पावरकॉम की कमजोर होती वित्तीय स्थिति ने बिजली संकट की आशंका बढ़ा दी है। पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि यदि बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में उद्योग, कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने सरकारी क्षेत्र में नए बिजली उत्पादन प्रोजेक्ट शुरू करने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष इंजीनियर जसवीर सिंह धीमान और महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल की ओर से भेजे गए पत्र में पावरकॉम की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई है।
इंजीनियरों के अनुसार पंजाब सरकार की ओर से सब्सिडी की राशि का भुगतान लंबित है। इसके अलावा कई सरकारी विभागों पर बिजली बिलों का भुगतान नहीं करने के कारण भी पावरकॉम पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।
एसोसिएशन ने दावा किया है कि एआरआर में खर्चों का अनुमान कम रखे जाने के कारण टैरिफ में अनुचित कटौती हुई है। इससे पावरकॉम के राजस्व पर असर पड़ रहा है। इंजीनियरों के मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष में पावरकॉम को करीब 7,800 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का सामना करना पड़ सकता है।
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गर्मियों में बढ़ जाती है मांग
पत्र के अनुसार गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही पीक डिमांड के समय पंजाब का अपना बिजली उत्पादन अपेक्षाकृत कम हो जाता है। ऐसे में मांग पूरी करने के लिए बिजली एक्सचेंज से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ती है। इससे पावरकॉम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता है।
एसोसिएशन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे जलविद्युत उत्पादन वाले राज्य भी अब बिजली बैंकिंग के बजाय खुले बाजार में बिजली बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे पंजाब के लिए सस्ती बिजली की उपलब्धता और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
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निजी बिजली संयंत्रों पर निर्भरता पर सवाल
इंजीनियरों ने निजी थर्मल प्लांटों पर बढ़ती निर्भरता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे पंजाब का बड़ा पूंजी निवेश निजी क्षेत्र की ओर जा रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से दीर्घकालिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकारी क्षेत्र में नए बिजली उत्पादन प्रोजेक्ट शुरू करने और प्रदेश की अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए तत्काल नीति बनाने की मांग की है।
