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प्रताप बाजवा ने न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा को दी बधाई, बोले- न्यायपालिका को निडर और स्वतंत्र रहना चाहिए

Published: Mon, 07 Sep 2026 03:48 PM (IST)

प्रताप बाजवा ने न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनने पर बधाई दी और कहा कि न्यायपालिका को निडर व स्वतंत्र रहना चाहिए।

बाजवा ने न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा को हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनने पर दी बधाई।

 बाजवा ने न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा को हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनने पर दी बधाई।

HighLights

  1. न्यायपालिका को निडर और स्वतंत्र रहना चाहिए: प्रताप बाजवा

  2. बाजवा ने न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा को मुख्य न्यायाधीश बनने पर बधाई दी

  3. पंजाब सरकार की शपथ ग्रहण से दूरी पर बाजवा ने सवाल उठाए

डॉ सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी।

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका संविधान की रक्षा, नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सरकारों को कानून के दायरे में रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। न्यायपालिका को स्वतंत्र और निडर रहना चाहिए।

बाजवा ने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ते से जुड़े मामले में हाई कोर्ट की हालिया कार्रवाई ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकार कानून से ऊपर नहीं है।

सरकार के खर्च पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि अदालत ने पंजाब सरकार को लंबित डीए की किस्तें जारी करने के निर्देश दिए और वित्तीय कठिनाइयों का हवाला देने पर सरकार के खर्च को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने अधिवक्ता निखिल सराफ की ओर से दायर याचिका का भी उल्लेख किया। बाजवा के अनुसार, मामले में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा था।

भगवंत मान के फैसले की आलोचना

इसके बाद सरकार ने अदालत को संबंधित संपत्ति के खिलाफ फिलहाल कार्रवाई रोकने का आश्वासन दिया। बाजवा ने न्यायमूर्ति मिश्रा की नियुक्ति का विरोध करने और उनके शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहने के भगवंत मान सरकार के फैसले की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि कॉलेजियम की सिफारिश पर राज्य सरकार को अपने विचार रखने का अवसर दिया गया था। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने 12 अगस्त को पंजाब सरकार को सिफारिश भेजी थी, लेकिन अधिसूचना जारी होने से पहले सरकार ने अपने विचार नहीं दिए।

बाजवा ने कहा कि सरकारें न्यायिक आदेशों से असहमत हो सकती हैं, लेकिन न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल नहीं उठा सकतीं। उन्होंने न्यायमूर्ति मिश्रा के कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

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