विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पंजाब की 50 वार्डों में फिर होंगे नगर निगम चुनाव, सुप्रीम कोर्ट ने 6 सप्ताह में मतदान का दिया आदेश

Published: Thu, 08 Oct 2026 05:19 PM (GMT+05:30)

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के पटियाला और मोगा जिलों के 50 वार्डों के चुनाव रद्द कर छह सप्ताह में नए चुनाव कराने का आदेश दिया।

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।

ये AI जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के 50 नगर निगम वार्डों के चुनाव रद्द किए।

  2. पटियाला और मोगा जिलों में छह सप्ताह के भीतर फिर होंगे चुनाव।

  3. सेवानिवृत्त हाई कोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति करेगी चुनाव निगरानी।

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब के नगर निगम चुनाव में अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने पटियाला और मोगा जिलों के 50 नगर निगम वार्डों के चुनाव को रद्द करते हुए इन वार्डों में छह सप्ताह के भीतर नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया है। अदालत ने पूरी चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त हाई कोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्देश भी दिया है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने 28 सितंबर को यह आदेश सुनाया। मामला नगर निगम चुनावों में कथित हस्तक्षेप, उम्मीदवारों के साथ मारपीट, धमकी देने, नामांकन पत्र छीनने और नामांकन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी नहीं कराने से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आया।

यह भी पढ़ें- पंजाब में किरायेदार दुकानदारों को मिलेगा मालिकाना हक, 'मेरी दुकान मेरे नाम' योजना शुरू

न्यायिक जांच में सामने आईं अनियमितताएं

सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर को विवादित आरोपों की जांच का जिम्मा सौंपा था। जांच में सामने आया कि कुछ स्थानों पर उम्मीदवारों के नामांकन पत्र छीन लिए गए, फाड़े गए या नष्ट कर दिए गए। कुछ उम्मीदवारों के साथ मारपीट करने, उन्हें रोकने और धमकाने की घटनाएं भी जांच में दर्ज हुईं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने उन वार्डों में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित माना, जहां उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने या चुनाव लड़ने से रोका गया था।

पटियाला के 28 वार्डों में चुनाव रद्द

पटियाला में 28 वार्डों के चुनाव को न्यायालय ने प्रभावित माना। जांच में मुख्य रूप से विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने या चुनाव लड़ने से रोकने की घटनाएं सामने आईं।

इसके अलावा दो अन्य वार्डों में फर्जी या एक से अधिक बार मतदान और मतदाताओं को धमकाने से संबंधित साक्ष्य भी सामने आए। हालांकि जांच में यह निष्कर्ष नहीं दिया गया कि इन अनियमितताओं के कारण उन वार्डों के चुनाव परिणाम अनिवार्य रूप से प्रभावित हुए थे।

यह भी पढ़ें- पंजाब में किरायेदार दुकानदारों को मिलेगा मालिकाना हक, 'मेरी दुकान मेरे नाम' योजना शुरू

मोगा के 22 वार्डों में भी फिर चुनाव

मोगा जिले में धर्मकोट के सात वार्डों के चुनाव को भी न्यायालय ने प्रभावित माना। यहां उम्मीदवारों को चुनाव प्रक्रिया में आगे बढ़ने से रोकने, दबाव में नामांकन वापस करवाने और नामांकन पत्र गलत तरीके से खारिज किए जाने जैसी बातें जांच में सामने आईं।

बाघापुराना के सभी 15 वार्डों में भी विपक्षी उम्मीदवारों के खिलाफ व्यवस्थित तरीके से बाधाएं खड़ी किए जाने की बात जांच में सामने आई। इन सभी 15 वार्डों के चुनाव भी दोबारा कराने का आदेश दिया गया है।

छह सप्ताह में पूरी करनी होगी प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को एक सप्ताह के भीतर निगरानी समिति गठित करने का निर्देश दिया है। समिति में सेवानिवृत्त हाई कोर्ट न्यायाधीश को शामिल किया जाएगा। अदालत ने दो या तीन वरिष्ठ अधिवक्ताओं को चुनाव सुपरवाइजर के रूप में नियुक्त करने के लिए भी कहा है।

नए चुनाव में नामांकन प्रक्रिया, चुनाव चिह्न आवंटित करने और मतदान की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करानी होगी। चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह के हस्तक्षेप की शिकायत मिलने पर निगरानी समिति उसकी जांच कर सकेगी और जरूरत पड़ने पर मामले को हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेज सकेगी।

निष्पक्षता पर संतुष्टि के बाद परिणाम

अदालत ने स्पष्ट किया कि नए चुनाव के परिणाम तभी घोषित किए जा सकेंगे, जब हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश निगरानी समिति की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव प्रक्रिया के निष्पक्ष होने से संतुष्ट होंगे।

पंजाब सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार को जांच समिति की सिफारिशें स्वीकार करने में कोई आपत्ति नहीं है। 

यह भी पढ़ें- ‘छलरे-छलरे वाल’ को पंजाबी समझ रहे लोग, असल में इस भाषा का है ये वायरल लोकगीत, पड़ोसी मुल्क से जुड़ा है नाता