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महर्षि वाल्मीकि केस में हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी; निराधार याचिका पर कड़ी टिप्पणी कर याचिका खारिज

Published: Mon, 19 Jan 2026 06:09 PM (IST)

हाई कोर्ट ने महर्षि वाल्मीकि से जुड़े एक टीवी कार्यक्रम पर हानि बालू की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने ...और पढ़ें

पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट। (फाइल फोटो)

पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने महर्षि वाल्मीकि टीवी कार्यक्रम पर याचिका खारिज की।

  2. अदालत ने याचिकाकर्ता की गंभीरता पर सवाल उठाए, निराधार बताया।

  3. बार एसोसिएशन को भी निराधार याचिकाएं दाखिल न करने की चेतावनी।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। भगवान महर्षि वाल्मीकि से जुड़े एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम को लेकर दायर याचिका को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। ये याचिका जालंधर निवासी हानि बालू द्वारा दाखिल की गई थी। याचिका हानि बालू ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से कार्यक्रम का वीडियो हटाने, चैनल और एंकर से सार्वजनिक माफी दिलाने तथा केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता से सीधे और कड़े सवाल किए। पीठ ने सीधे सवाल पूछते हुए कहा कि याचिकाकर्ता इतिहास की बात कर रहा है या पौराणिक कथाओं की। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में टिप्पणी की। पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि के जीवन से जुड़ी घटनाएं सर्वविदित हैं और यह तो गर्व की बात है कि वे एक डाकू से महान ऋषि बने।

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अदालत ने पूछे कड़े सवाल

अदालत ने याचिकाकर्ता से सीधा सवाल किया कि इसमें शर्म की बात आखिर है क्या। याचिका की गंभीरता पर संदेह जताते हुए अदालत ने कहा कि क्या याचिकाकर्ता सचमुच इस मामले को लेकर गंभीर है या केवल अदालत का समय बर्बाद किया जा रहा है। पीठ ने यह भी चेतावनी दी कि यदि आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनके समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक है।

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बार एसोसिएशन को भी दी चेतावनी

सुनवाई के दौरान अदालत ने बार एसोसिएशन को भी चेतावनी जारी कर दी। पीठ ने यहां तक कहा कि यदि इस तरह की निराधार याचिकाएं दाखिल की जाती रहीं तो बार एसोसिएशन के पक्ष में दस हजार रुपये जुर्माना लगाने से भी परहेज नहीं किया जाएगा। अदालत की इन सख्त टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया और जुर्माना लगाने की चेतावनी को भी समाप्त कर दिया।

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