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GMADA मामले में ईडी की कार्रवाई के बीच देर रात हाई कोर्ट पहुंची पंजाब सरकार, वारंट अफसर नियुक्त

By Dayanand SharmaEdited By: Gurpreet K Cheema
Published: Thu, 24 Sep 2026 09:10 AM (IST)Updated: Thu, 24 Sep 2026 09:18 AM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब में ED की कार्रवाई की निगरानी के लिए देर रात विशेष सुनवाई कर एक वारंट अफसर नियुक्त किया है।

ईडी की कार्रवाई के बीच हाईकोर्ट पहुंच पंजाब सरकार

ईडी की कार्रवाई के बीच हाईकोर्ट पहुंच पंजाब सरकार

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय की तलाशी और जब्ती की कार्रवाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बुधवार देर रात विशेष सुनवाई की। जस्टिस संजय वशिष्ठ की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक वरिष्ठ रैंक के वारंट अफसर को नियुक्त कर ईडी की तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की निगरानी करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने वारंट अफसर को कार्रवाई स्थल का किसी भी समय निरीक्षण करने और गुरुवार दोपहर दो बजे तक स्थिति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई देर रात शुरू हुई और रात एक बजे के बाद तक जारी रही।

वरिष्ठ अधिकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी

सुनवाई के दौरान पीठ को बताया गया कि पंजाब में ईडी की ओर से तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। अदालत को यह भी बताया गया कि पंजाब सरकार के वरिष्ठ स्तर के कुछ अधिकारियों को कथित तौर पर हिरासत में लिया गया है। सुनवाई के दौरान यह दलील भी रखी गई कि संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई थी।

पंजाब सरकार ने आरोप लगाया था कि मंगलवार से ही ED ने गमाडा के 8 अधिकारियों को अवैध तरीके से बंधक बना कर रखा हुआ है। इनमें निम्नलिखित नाम हैं-

1. विकास गर्ग (हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के प्रधान सचिव)
2. अमरिंदर सिंह मल्ही (अतिरिक्त चीफ एडमिनिस्ट्रेटर)
3. संदीप ऋषि (अतिरिक्त चीफ एडमिनिस्ट्रेटर)
4. राकेश पोपली (सहायक चीफ एडमिनिस्ट्रेटर)
5. अमन गुप्ता (एस्टेट ऑफिसर)
6. रोहित जिंदल (लैंड एक्वीजीशन कोलेक्टर)
7. अजय गर्ग (चीफ इंजीनियर)
8. अजय मित्तल (चीफ अकाउंट्स ऑफिसर)पंजाब

अदालत को यह भी बताया गया कि इस घटनाक्रम के चलते पंजाब की पूरी सरकारी मशीनरी ठप होने जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इन दलीलों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने मामले की निगरानी के लिए वारंट अफसर नियुक्त करने का निर्णय लिया।

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यूटी पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा की जिम्मेदारी

हाई कोर्ट ने वारंट अफसर को तलाशी और जब्ती की कार्रवाई वाले स्थान पर जाने के लिए अधिकृत किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वारंट अफसर किसी भी समय मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्हें मौके की स्थिति और कार्रवाई से संबंधित तथ्यों की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।

पीठ ने वारंट अफसर की सुरक्षा के लिए यूटी के पुलिस महानिदेशक और मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं। अदालत ने कहा कि वारंट अफसर की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली स्थिति रिपोर्ट के आधार पर आगे मामले पर विचार किया जाएगा।

दोपहर दो बजे तक रिपोर्ट तलब

हाई कोर्ट ने वारंट अफसर को गुरुवार दोपहर दो बजे तक अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई के दौरान मौके पर सामने आए तथ्यों तथा अधिकारियों से संबंधित घटनाक्रम की जानकारी शामिल होने की उम्मीद है।

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पंजाब सरकार की ओर से अधिवक्ता फेरी सोफत ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। विशेष सुनवाई के दौरान देर रात तक चली कार्यवाही में हाई कोर्ट ने पूरे घटनाक्रम पर तत्काल निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह अंतरिम व्यवस्था की है।