यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गुरमीत राम रहीम मामले में पंजाब सरकार ने किया मनोहर के आरोपों को खारिज
हरियाणा के सीएम ने कहा था कि राम रहीम को भगाने की पंजाब पुलिस के आठ मुलाजिम गुरमीत राम रहीम ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को लेकर पंजाब व हरियाणा के बीच की खटास बढ़ने लगी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा यह खुलासा करने कि सीबीआइ कोर्ट से पंजाब पुलिस के 8 जवान राम रहीम को भगाने के प्रयास में थे, का पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सख्त नोटिस लिया है। सीएमओ के एक अधिकारी का कहना है कि इसमें पंजाब सरकार का क्या दोष है। हरियाणा सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए पंजाब सरकार पर आरोप मढ़ रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वीआईपी लोगों को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी होती है। आमतौर पर ऐसे लोगों के साथ लगाए गए सुरक्षाकर्मी जल्दी हटाए भी नहीं जाते हैं। अगर कोई मुलाजिम किसी के प्रभाव में आ जाए तो सरकार को तो दोषी नहीं ठहराया जा सकता। आज हरियाणा के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि पंजाब के बॉर्डर से लोग पंचकुला पहुंचे।
उन्हें यह भी तो स्पष्ट करना चाहिए कि क्या घटना से पहले उन्होंने पंजाब सरकार के साथ कोई संपर्क साधा था, क्या उन्होंने पंजाब में लोगों को रोकने के लिए कहा था। हकीकत यह है कि हरियाणा सरकार ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। यहां बता दे कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस बाबत स्पष्ट किया था कि घटना से पहले हरियाणा सरकार ने पंजाब से कोई मदद या सहयोग नहीं मांगा था।
खट्टर ने एक निजी चैनल को दिए गए साक्षात्कार में पंजाब सरकार पर आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के विदेश में होने के कारण मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में मोर्चा संभाला है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी का कहना है कि अगर हरियाणा सरकार पंजाब पुलिस के मुलाजिमों के विरुद्ध शिकायत देती है तो आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
