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दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के सांसदों का डेरा, एक साथ दिखे चन्नी-रंधावा और गुरजीत; ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रदर्शन जारी

By Dr. Sumit Singh SheoranEdited By: Prince Sharma
Published: Tue, 06 Oct 2026 01:29 PM (GMT+05:30)

पंजाब कांग्रेस के सांसद दिल्ली में विपक्षी दलों के साथ 'वोट चोरी' और मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ चुनाव आयोग के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी (फाइल फोटो)

दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पंजाब कांग्रेस सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल

  2. 'वोट चोरी' और मतदाता सूची में गड़बड़ी के मुद्दे पर विरोध

  3. 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी एकजुटता का प्रयास

डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस हाईकमान ने संगठन को एकजुट करने के साथ ही केंद्र के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने की कवायद तेज कर दी है। मंगलवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों के प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस की भी मजबूत भागीदारी दिखाई दी।

पंजाब से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और गुरजीत सिंह औजला समेत अन्य नेता दिल्ली में प्रदर्शन में पहुंचे। इंडिया गठबंधन के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सांसदों ने सड़क पर धरना दिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।

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प्रदर्शन में ये लोग शामिल

प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत कई बड़े नेता शामिल रहे। पुलिस ने बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया।

पंजाब के कांग्रेस सांसदों की इस प्रदर्शन में मौजूदगी को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में संगठन को एकजुट करने की कोशिश कर रही है।

ॉचन्नी और रंधावा पहले भी दिल्ली में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से आयोजित प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। जुलाई में दोनों नेताओं को दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हिरासत में भी लिया गया था।

पंजाब कांग्रेस के लिए भी शक्ति प्रदर्शन

दिल्ली का यह प्रदर्शन केवल चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के अभियान तक सीमित नहीं है। पंजाब कांग्रेस के लिए यह अपने सांसदों और वरिष्ठ नेताओं की केंद्रीय नेतृत्व के साथ सक्रिय भागीदारी दिखाने का भी अवसर बन गया है। खास बात यह है कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में परगट सिंह की नियुक्ति के बाद पार्टी 2027 की चुनावी तैयारी को गति देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। पार्टी ने इसे केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखने और देशभर में प्रदर्शन, पदयात्रा, साइकिल रैली और जनसंपर्क अभियान चलाने की घोषणा की है।

अब देखना होगा कि दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ पंजाब के सांसदों की यह सक्रिय भागीदारी पंजाब में पार्टी के लिए कितना राजनीतिक माहौल तैयार करती है और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस को किस हद तक एकजुट करने में मदद करती है। कांग्रेस के सामने अब दिल्ली के आंदोलन को पंजाब के जमीनी अभियान से जोड़ने की चुनौती होगी।

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