पंजाब में किसानों का धरना-प्रदर्शन जारी, संगरूर DC ऑफिस परिसर के तीनों गेटों पर कब्जा; दफ्तरों में कामकाज ठप
भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के नेतृत्व में किसानों द्वारा संगरूर जिला प्रबंधकीय कॉम्प्लेक्स का घेराव मंगलवार को भी जारी रहा, जिससे सभी सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप हो गया।

संगरूर DC ऑफिस परिसर के तीनों गेटों पर कब्जा (जागरण फोटो)
HighLights
किसानों ने संगरूर डीसी कॉम्प्लेक्स के तीनों गेट घेरे
सरकारी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप, जनता परेशान
टाइपिस्टों और वसीका नवीसों ने भी अलग से धरना दिया
जागरण संवाददाता, संगरूर। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के नेतृत्व में किसानों द्वारा सोमवार से जिला प्रबंधकीय कॉम्प्लेक्स का किया गया मुकम्मल घेराव मंगलवार को भी जारी रहा।
आज कार्यालय खुलने से पहले ही जिला प्रबंधकीय परिसर (डीसी परिसर का घेराव कर लिया। किसानों ने परिसर के तीनों गेटों के सामने धरना लगाकर किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को अंदर दाखिल नहीं होने दिया।
इसके चलते डीसी दफ्तर सहित सुविधा केंद्र व अन्य विभागों के सभी कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया और परिसर में सन्नाटा पसरा रहा।
किसानों के धरने के कारण टाइपिस्टों को भी उनके बूथों तक नहीं जाने दिया गया। जिला प्रबंधकीय परिसर में सुविधा केंद्र, फर्द केंद्र, तहसीलदार कार्यालय सहित कई महत्वपूर्ण कार्यालय हैं।
इन कार्यालयों में रजिस्ट्रियों, फर्द और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन परिसर के सभी गेट बंद होने के कारण आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई जरूरी कार्य नहीं हो सके।
कॉम्पलेक्स में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज वसीका नवीसों और टाइपिस्टों ने बस स्टैंड के नजदीक बाजार वाली सड़क पर यातायात रोककर धरना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि किसानों के घेराव के कारण उनका काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है और रोजमर्रा का कामकाज बंद पड़ा है। टाइपिस्ट यूनियन के प्रधान मनी कथूरिया ने कहा कि उनका कामकाज भी ठप पड़ गया है।
उन्होंने किसानों से तहसील परिसर का गेट खोलने की गुहार लगाई है, लेकिन किसान रास्ता देने को तैयार नहीं है, उधर, भाकियू उगराहां के जिला प्रधान अमरीक सिंह गंढुआं ने कहा कि वह छोटा गेट खोलने के लिए तैयार हैं, लेकिन टाइपिस्ट व वसीका नवीस बड़ा गेट खोलने की जिद्द पर अड़े हैं।
उधर, डीसी कंपलेक्स के बाहर किसानों का धरना लगातार जारी रहा। किसान तीनों गेटों पर डटे रहे और किसी को भी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया। इससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। गौरतलब है कि किसानों ने देर रात दस बजे तक डीसी की कोठी के बाहर धरना लगाया व मुख्यमंत्री का पुतला जलाया गया।
