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पंजाब के पूर्व डीजीपी मुस्तफा के बयान पर भड़के वड़िंग, कानूनी नोटिस भेजकर कहा- बयान वापस लें और माफी मांगें

Published: Sun, 23 Aug 2026 07:00 AM (IST)

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पूर्व पुलिस महानिदेशक मोहम्मद मुस्तफा को कानूनी नोटिस भेजकर कथित मानहानिकारक बयान वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।

पूर्व डीजीपी मुस्तफा और पीपीसीसी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

पूर्व डीजीपी मुस्तफा और पीपीसीसी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।

HighLights

  1. वड़िंग ने पूर्व डीजीपी मुस्तफा को कानूनी नोटिस भेजा।

  2. मुस्तफा पर मानहानिकारक, झूठे बयान देने का आरोप।

  3. नोटिस में सार्वजनिक माफी और बयान वापसी की मांग।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच लुधियाना से सांसद और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा को कानूनी नोटिस भेजा है। मुस्तफा वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना के पति हैं।

वड़िंग ने आरोप लगाया है कि एक साक्षात्कार (इंटरव्यू) के दौरान मुस्तफा ने उनके खिलाफ झूठे, निराधार, अपमानजनक और मानहानिकारक बयान दिए। नोटिस में मुस्तफा से कथित बयानों को तत्काल वापस लेने, बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने और भविष्य में इस तरह के मानहानिकारक बयान देने से बाज आने को कहा गया है।

वड़िंग की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि उनकी प्रतिष्ठा वर्षों की सार्वजनिक सेवा और राजनीतिक कार्य का परिणाम है। इसे नुकसान पहुंचाने का कोई भी प्रयास उनकी व्यक्तिगत छवि के साथ-साथ सार्वजनिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करता है।

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मुस्तफा ने की वड़िंग के नेतृत्व को लेकर टिप्पणी 

नोटिस के अनुसार मुस्तफा ने एक साक्षात्कार में वड़िंग तथा उनके नेतृत्व को लेकर टिप्पणी की थी। आरोप है कि साक्षात्कार में उनकी बुद्धिमत्ता, क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और नेतृत्व संबंधी जिम्मेदारियां निभाने की क्षमता पर व्यक्तिगत टिप्पणियां की गईं।

वड़िंग ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि मुस्तफा के बयान किसी राजनीतिक फैसले, नीति या उनके किसी कार्य की आलोचना तक सीमित नहीं थे, बल्कि व्यक्तिगत हमले थे। नोटिस में कहा गया है कि ऐसे बयानों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।

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व्यक्तिगत हमला स्वीकार नहीं

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि वड़िंग को उनके राजनीतिक फैसलों, नीतियों या रुख पर वैध असहमति और सद्भावनापूर्ण आलोचना से कोई आपत्ति नहीं है। राजनीतिक विमर्श में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी नेता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने या उसका उपहास करने के उद्देश्य से व्यक्तिगत हमले स्वीकार्य नहीं हैं।

पूर्व डीजीपी के पद का हवाला देते हुए नोटिस में कहा गया है कि मुस्तफा अपने बयानों के कानूनी परिणामों से भली-भांति परिचित हैं। उनके पद के कारण उनके बयानों को जनता के बीच अतिरिक्त विश्वसनीयता मिल सकती है, इसलिए उनसे सार्वजनिक टिप्पणियों में अधिक जिम्मेदारी बरतने की अपेक्षा थी।

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