मोहाली-खरड़ के जाम से मिलेगी राहत: NH-205A आईटी सिटी-कुराली कॉरिडोर को मंजूरी, बचेंगे 45 मिनट
मोहाली और खरड़ के बीच NH-205A आईटी सिटी-कुराली कॉरिडोर से वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी, जिससे यात्रा का समय 45 मिनट कम हो जाएगा।

एयरपोर्ट रोड पर भी घटेगा ट्रैफिक का दबाव।
HighLights
मोहाली-खरड़ जाम से 45 मिनट की बचत होगी
एयरपोर्ट रोड पर यातायात का दबाव कम होगा
क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को कॉरिडोर से बढ़ावा मिलेगा
अजय अग्निहोत्री, मोहाली। मोहाली और खरड़ के बीच रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। नेशनल हाईवे-205ए के आईटी सिटी-कुराली कॉरिडोर से यात्रा का समय 45 मिनट तक कम हो सकता है।
32.23 किलोमीटर लंबा यह मार्ग मोहाली और खरड़ के भीड़भाड़ वाले हिस्सों को बाईपास करता है। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों के साथ चंडीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के बीच अंतरराज्यीय यातायात को भी वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) के अनुसार, इस कॉरिडोर का उद्देश्य व्यस्त शहरी हिस्सों से गुजरने वाले यातायात को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है।
इससे आईटी सिटी, चंडीगढ़, खरड़, न्यू चंडीगढ़ और कुराली के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। खासकर उन वाहन चालकों को राहत मिल सकती है, जिन्हें रोजाना मोहाली और खरड़ के व्यस्त मार्गों से गुजरना पड़ता है। एनएचएआइ ने 15 अक्टूबर को इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस कॉरिडोर के फायदे साझा किए थे।
एयरपोर्ट रोड पर भी कम होगा यातायात का दबाव
आईटी सिटी-कुराली कॉरिडोर का एक प्रमुख लाभ एयरपोर्ट रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होना है। चंडीगढ़-मोहाली क्षेत्र में एयरपोर्ट रोड महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस पर वाहनों की अधिक संख्या के कारण कई बार यात्रियों को जाम और देरी का सामना करना पड़ता है।
नए कॉरिडोर से वाहन चालकों को मोहाली और खरड़ के व्यस्त हिस्सों से बचकर आगे निकलने का विकल्प मिलेगा। इससे यातायात का दबाव अलग-अलग मार्गों पर बंटने और मौजूदा सड़कों पर जाम की स्थिति में कमी आने की उम्मीद है।

कम होगा प्रदूषण
एनएचएआइ के मुताबिक, इस मार्ग से वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिल सकती है। जाम में वाहनों के लंबे समय तक फंसे रहने से ईंधन की खपत बढ़ती है और प्रदूषण भी अधिक होता है।
यातायात सुचारू होने से वाहन चालकों का समय और ईंधन बच सकता है। हालांकि, वास्तविक समय की बचत यातायात की स्थिति और यात्रा के शुरुआती व अंतिम स्थान पर निर्भर करेगी।
आर्थिक गतिविधियों को भी मिलेगा बढ़ावा
यह कॉरिडोर केवल सफर का समय कम करने तक सीमित नहीं है। बेहतर सड़क संपर्क से आईटी सिटी, न्यू चंडीगढ़, खरड़ और कुराली जैसे क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

इन क्षेत्रों में विकसित हो रहे आवासीय और व्यावसायिक केंद्रों के बीच आवाजाही आसान होने से लोगों के साथ माल परिवहन को भी लाभ मिल सकता है।
एनएचएआइ ने इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया है। वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होने से चंडीगढ़ और आसपास के पंजाब के क्षेत्रों के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है। कॉरिडोर से अंतरराज्यीय यातायात को भी व्यस्त शहरी हिस्सों से बचकर आगे बढ़ने का विकल्प मिलेगा।
