मोहाली इमिग्रेशन सलाहकार को बदनाम करने की साजिश: 35 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR दर्ज
मोहाली के एक इमिग्रेशन सलाहकार और कारोबारी समूह को सोशल मीडिया पर बदनाम करने के आरोप में पंजाब पुलिस ने 35 अकाउंट्स पर FIR दर्ज की है।

फोटो क्रेडिट : AI
HighLights
सोशल मीडिया पर मोहाली इमिग्रेशन सलाहकार को बदनाम करने की साजिश
35 अकाउंट्स के खिलाफ पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR
कनाडा में छात्र वित्तीय सहायता अनियमितताओं की भी चल रही जांच
अजय अग्निहोत्री, मोहाली। मोहाली के एक इमिग्रेशन सलाहकार और उससे जुड़े कारोबारी समूह को इंटरनेट मीडिया पर कथित तौर पर बदनाम करने के मामले में पंजाब पुलिस ने 35 अकाउंट के खिलाफ केस दर्ज किया है।
इनमें पंजाब और कनाडा से जुड़े पंजाबी पत्रकारों और इमिग्रेशन सलाहकारों के अकाउंट भी शामिल बताए गए हैं। आरोप है कि इन अकाउंट के माध्यम से बिना सत्यापन वाली सामग्री प्रसारित कर कंपनी को कनाडा में कथित धोखाधड़ी से जोड़ा गया।
संबंधित कारोबारी समूह शैक्षणिक संस्थान चलाने के साथ मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़ा है।
इस मामले में एफआइआर संख्या 29, 13 अक्टूबर को एसएएस नगर के सेक्टर-79 स्थित साइबर क्राइम थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत दर्ज की गई है।
कंपनी की छवि खराब करने का आरोप
शिकायत जीबी रियल्टी ग्रुप की ओर से अधिवक्ता पारस शर्मा ने दी है। शिकायत के अनुसार, अज्ञात व्यक्तियों ने यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य इंटरनेट मीडिया मंचों पर कंपनी और उसके प्रबंध निदेशक के बारे में कथित तौर पर झूठी अफवाहें प्रसारित कीं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन पोस्ट में कंपनी को कनाडा में हुए कथित धोखाधड़ी के मामले से जोड़कर पेश किया गया, जबकि आरोप निराधार हैं।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को उन अकाउंट और पोस्ट के लिंक भी उपलब्ध कराए, जिनके माध्यम से कथित सामग्री साझा की जा रही थी। साथ ही संबंधित सामग्री हटाने और अकाउंट ब्लाक करने की मांग की गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। हालांकि, एफआइआर में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
कनाडा के ओंटारियो में भी चल रही जांच
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कनाडा के ओंटारियो प्रांत में निजी करियर कॉलेजों को विद्यार्थियों की आर्थिक सहायता देने वाली योजना में संभावित अनियमितताओं की जांच चल रही है। प्रांतीय सरकार ने प्रारंभिक आडिट में सामने आई आशंकाओं के बाद मामला ओंटारियो प्रांतीय पुलिस (ओपीपी) के पास भेजा है।
ओंटारियो के कॉलेज एवं विश्वविद्यालय मंत्री नोलन क्विन के अनुसार, ओंटारियो स्टूडेंट असिस्टेंस प्रोग्राम (ओएसएपी) के इस्तेमाल को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सरकार ने निरीक्षण शुरू किए थे। इसके बाद विस्तृत समीक्षा के लिए आडिट फर्म केपीएमजी को नियुक्त किया गया।
प्रारंभिक निष्कर्षों में कुछ निजी करियर कॉलेजों के बीच साझा स्वामित्व, कॉलेजों और इमिग्रेशन भर्ती सेवाओं के बीच संबंध, विद्यार्थियों के सत्यापन की अपर्याप्त प्रक्रिया और कुछ भौगोलिक क्षेत्रों से ओएसएपी आवेदनों की असामान्य रूप से अधिक संख्या जैसे बिंदुओं पर चिंता जताई गई। प्रांतीय सरकार ने मामले की जानकारी आडिटर जनरल को भी दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, सात करियर कालेजों को शैक्षणिक सत्र 2024-25 में ओएसएपी के तहत लगभग 385 मिलियन कनाडाई डॉलर की अनुदान राशि मिली थी।
