विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'पूरे कनाडा पर राज करेंगे...', लॉरेंस-गोल्डी गैंग की चिट्ठी से मचा हड़कंप; पुलिस स्टेशनों पर फायरिंग की धमकी

By Rohit KumarEdited By: Prince Sharma
Published: Thu, 17 Sep 2026 12:20 PM (IST)

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सिंडिकेट ने कनाडा में अपनी मजबूत पकड़ का दावा करते हुए पुलिस और रक्षा प्रतिष्ठानों को चुनौती दी है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी धमकी (फाइल फोटो)

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी धमकी (फाइल फोटो)


HighLights

  1. कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 5000 से अधिक सदस्य सक्रिय

  2. पुलिस को गतिविधियों में हस्तक्षेप न करने की सीधी चेतावनी दी

  3. कनाडा के सभी कारोबारियों से प्रोटेक्शन मनी वसूलने का दावा

रोहित कुमार, चंडीगढ़। भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सिंडिकेट ने कनाडा में अपनी पकड़ और प्रभाव को लेकर सीधे वहां की पुलिस, सेना और रक्षा प्रतिष्ठान को चुनौती देने का दावा किया है।

कनाडा के अबॉट्सफोर्ड में सामने आई कथित चिट्ठी में गैंग की ओर से दावा किया गया है कि उसके पांच हजार से अधिक सदस्य कनाडा में सक्रिय हैं और पैसे के लिए किसी पर भी गोली चला सकते हैं।

चिट्ठी में पुलिस को चेतावनी दी गई है कि अगर उसकी गतिविधियों में हस्तक्षेप किया गया तो पुलिस स्टेशनों पर फायरिंग हो सकती है।

चिट्ठी में लिखा- पूरे कनाडा को जय श्री राम

चिट्ठी की शुरुआत 'पूरे कनाडा को जय श्रीराम' से की गई है। इसमें लॉरेंस गैंग और गोल्डी बराड़ के नाम का उल्लेख करते हुए कनाडा में मौजूद अपने साथियों को संदेश दिया गया है।

कथित पत्र में लिखा है कि गैंग को कनाडा पर राज करने से कोई नहीं रोक सकता। साथ ही वहां सक्रिय हेल्स एंजल्स समेत अन्य आपराधिक समूहों को भी चुनौती दी गई है।

1000 डॉलर में गोली चलाने का दावा

कथित पत्र में गैंग ने दावा किया है कि उसके पास कनाडा में पांच हजार से ज्यादा सदस्य हैं। इनमें से बड़ी संख्या में लोग महज एक हजार डॉलर के बदले किसी भी व्यक्ति पर गोली चलाने के लिए तैयार हैं।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सीधे चेतावनी देते हुए कहा गया है कि गैंग की गतिविधियों से दूर रहें, अन्यथा अगले दिन किसी पुलिस स्टेशन पर गोलीबारी की खबर आ सकती है। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि गैंग के पास कनाडाई पुलिस से ज्यादा हथियार हैं।

पत्र में कनाडा में रहने वाले गोरे लोगों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी भी की गई है और उन्हें देश छोड़ने की धमकी दी गई है। वहीं कारोबारियों को भी निशाना बनाते हुए हर बिजनेसमैन से प्रोटेक्शन मनी वसूलने की बात कही गई है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि कारोबारी भारतीय हो, गोरा हो या अश्वेत, भुगतान सभी को करना होगा।

कनाडाई एजेंसियों ने साझा की जानकारी

लॉरेंस बिश्नोई वर्ष 2015 से भारत की जेल में बंद है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसके सिंडिकेट के विदेशों में सक्रिय नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

अबॉट्सफोर्ड पुलिस ने कथित तौर पर लॉरेंस गैंग से जुड़े पत्र के मिलने की पुष्टि की है। इसकी जानकारी जबरन वसूली के मामलों की जांच कर रही अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भी साझा की गई है।

कनाडा के अलग-अलग हिस्सों में भारतीय मूल के कारोबारियों, दक्षिण एशियाई समुदाय से जुड़े लोगों और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रतिष्ठानों पर गोलीबारी और आगजनी के मामलों में लॉरेंस-गोल्डी नेटवर्क की भूमिका की जांच होती रही है।

सरे में भारतीय रेस्तरां और कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैप्स कैफे पर हुई गोलीबारी के मामलों में भी इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका के दावे सामने आए थे।

जेल में बंद लॉरेंस, विदेश में फैला नेटवर्क

पुलिस रिकार्ड में सतविंदर सिंह उर्फ लॉरेंस बिश्नोई का पता फाजिल्का जिले के दतरांवाली गांव का दर्ज है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की रिपोर्ट में उसके खिलाफ 84 प्राथमिकी का उल्लेख किया गया है और चार मामलों में दोषसिद्धि हो चुकी है। वर्ष 2011-12 में पहली प्राथमिकी दर्ज होने के बाद वह 2014 में पहली बार जेल गया।

वर्ष 2021 में उस पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) लगाया गया और उसे तिहाड़ जेल भेजा गया। फिलहाल वह अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है।

उसके सिंडिकेट का नाम पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या, करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या, पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या तथा अभिनेता सलमान खान को धमकी और उनके घर पर फायरिंग की साजिश जैसे मामलों में सामने आ चुका है।

कनाडा में रंगदारी और गोलीबारी का नेटवर्क

कनाडा में वर्ष 2025 से अब तक कई गोलीबारी, आगजनी और जबरन वसूली के मामलों में लॉरेंस-गोल्डी नेटवर्क से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार सरे, एडमंटन, कैलगरी और ओंटारियो में दक्षिण एशियाई मूल के कारोबारियों और संपन्न लोगों को रंगदारी के लिए निशाना बनाए जाने के मामले सामने आए हैं। कुछ मामलों में पैसे नहीं देने पर घरों पर फायरिंग और पेट्रोल बम से हमले किए गए।

कनाडाई जांच में ऐसे युवाओं के नाम भी सामने आए हैं, जिन पर गैंग के निर्देश पर आगजनी, गोलीबारी और रंगदारी में शामिल होने का आरोप है।

कुछ मामलों में इंटरनेट मीडिया पर हथियारों के साथ वीडियो और फोटो भी जांच का हिस्सा बने हैं। एजेंसियां इन घटनाओं को विदेश में बैठे गैंग संचालकों और स्थानीय शूटरों के बीच बने नेटवर्क के तौर पर देख रही।

यह भी पढ़ें- पंजाब के फरीदकोट में ड्रोन से हथियार मंगवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, आरोपियों से 10 पिस्तौल बरामद

यह भी पढ़ें- पंजाब के सरकारी स्कूलों की अब सोशल मीडिया पर भी होगी पहचान, उपलब्धियों और गतिविधियों को करना होगा शेयर