पंजाब के सरकारी स्कूलों की अब सोशल मीडिया पर भी होगी पहचान, उपलब्धियों और गतिविधियों को करना होगा शेयर
पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को अपनी गतिविधियों और उपलब्धियों को साझा करने के लिए कम से ...और पढ़ें

सरकारी स्कूलों की अब सोशल मीडिया पर भी होगी पहचान (फाइल फोटो)
HighLights
सरकारी स्कूलों को सोशल मीडिया पर आधिकारिक खाता बनाना होगा।
विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपलब्धियां साझा की जाएंगी।
जिला शिक्षा अधिकारी निर्देशों के पालन की निगरानी करेंगे।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब के सरकारी स्कूलों की गतिविधियां और उपलब्धियां अब इंटरनेट मीडिया के जरिये भी लोगों तक पहुंचेंगी। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को कम से कम एक इंटरनेट मीडिया मंच पर आधिकारिक और सक्रिय खाता बनाने के निर्देश दिए हैं।
स्कूलों को ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक या इंस्टाग्राम में से किसी एक मंच पर आधिकारिक खाता बनाकर उसे सक्रिय रखना होगा। विभाग का उद्देश्य स्कूलों में होने वाली सकारात्मक गतिविधियों, विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपलब्धियों तथा नवाचारी शिक्षण कार्यों को व्यापक स्तर पर सामने लाना है।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि जिन सरकारी स्कूलों के पहले से आधिकारिक इंटरनेट मीडिया खाते हैं, उन्हें निर्धारित वेब प्रपत्र के माध्यम से इन खातों की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
वहीं, जिन स्कूलों के पास अभी तक कोई आधिकारिक इंटरनेट मीडिया खाता नहीं है, उन्हें ‘एक्स’, फेसबुक या इंस्टाग्राम में से किसी एक मंच पर खाता बनाना होगा। खाते की जानकारी एमस्टार पोर्टल के माध्यम से दर्ज करनी होगी।
स्कूल की सकारात्मक गतिविधियों की देनी होगी जानकारी
विभाग ने स्कूल प्रमुखों को इंटरनेट मीडिया खातों पर स्कूल की सकारात्मक पहलों और महत्वपूर्ण गतिविधियों की नियमित जानकारी साझा करने के निर्देश दिए हैं।
इसमें विद्यार्थियों की उपलब्धियां, शिक्षकों की उपलब्धियां, कक्षा में अपनाई जा रही नवाचारी शिक्षण गतिविधियां, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की ओर से किए जा रहे कार्य तथा स्कूल में आयोजित होने वाले अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल होंगे। इस पहल से अभिभावकों और आम लोगों को सरकारी स्कूलों में हो रहे कार्यों की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपलब्धियों को भी सार्वजनिक मंच मिल सकेगा।
विद्यार्थियों का रिकॉर्ड भी होगा अद्यतन
इंटरनेट मीडिया खाते बनाने के साथ शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के रिकार्ड को एमस्टार एप पर अद्यतन करने के भी निर्देश दिए हैं। स्कूल प्रमुखों को प्रत्येक विद्यार्थी का पूरा आवासीय पता जांचकर अपडेट करने को कहा गया है।
इसके अलावा जहां उपलब्ध हों, वहां विद्यार्थी के माता-पिता या अभिभावकों दोनों के मोबाइल नंबरों का सत्यापन कर उन्हें रिकार्ड में दर्ज करना होगा। विभाग ने यह प्रक्रिया 24 जुलाई तक पूरी करने के निर्देश जारी किए थे।
जिला शिक्षा अधिकारियों को निगरानी का जिम्मा
जिला शिक्षा अधिकारियों (माध्यमिक और प्राथमिक) को अपने अधिकार क्षेत्र के सभी सरकारी स्कूलों में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जिन स्कूलों के पास आधिकारिक इंटरनेट मीडिया खाता नहीं है, वे निर्धारित मंच पर खाता बनाएं और उसकी जानकारी एमस्टार पोर्टल पर दर्ज करें। इसके साथ ही विद्यार्थियों के रिकार्ड को भी समय पर अद्यतन कराया जाए।
शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर दोनों कार्य पूरे कराने के निर्देश दिए हैं। इससे एक ओर सरकारी स्कूलों की गतिविधियों को व्यापक मंच मिलेगा, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों से संबंधित रिकार्ड को भी अधिक व्यवस्थित और अद्यतन रखने में मदद मिलेगी।
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