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पंजाब निकाय चुनाव से पहले ईवीएम विवाद गरमाया, हाई कोर्ट में दावा- राजस्थान से मशीनें रवाना

Published: Thu, 21 May 2026 01:10 PM (IST)

पंजाब निकाय चुनाव से पहले ईवीएम विवाद तेज हो गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने हाई कोर्ट में दावा किया ...और पढ़ें

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट।

HighLights

  1. राजस्थान से ईवीएम मशीनें पंजाब के लिए रवाना।

  2. ईसीआई ने कहा, कमीशनिंग एक दिन में संभव।

  3. पंजाब निकाय चुनाव में बैलेट पेपर पर विवाद।

दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों से ठीक पांच दिन पहले पंजाब में ईवीएम बनाम बैलेट पेपर विवाद और तेज हो गया है। गुरुवार को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने स्पष्ट कहा कि चुनावों के लिए मांगी गई ईवीएम मशीनें राजस्थान से पंजाब के लिए पहले ही रवाना की जा चुकी हैं और मशीनों की कमी का मुद्दा अब शेष नहीं रहा।

आयोग ने यह भी दावा किया कि मशीनों की कमीशनिंग और अन्य तकनीकी प्रक्रिया महज एक दिन में पूरी की जा सकती है। मुख्य न्यायाधीश शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष ईसीआई की ओर से पेश वकील ने कहा कि 20 मई को पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र के बाद सभी आशंकाएं दूर हो चुकी हैं।

अदालत को बताया गया कि पंजाब की ओर से मशीनें स्वयं उठाने में अनिच्छा जताए जाने के बाद राजस्थान से मशीनें सीधे पंजाब भेजी जा रही हैं। सुनवाई के दौरान ईसीआई के वकील ने कहा, “मशीनें रास्ते में हैं। इस समय भी वे ट्रांजिट में हैं।”

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मोहाली तक पहुंचेंगी मशीनें

आयोग की ओर से अदालत को यह भी बताया गया कि अब केवल यह तय किया जाना बाकी है कि मशीनें किस स्थान पर पहुंचाई जानी हैं और उन्हें रिसीव करने के लिए कौन अधिकारी अधिकृत होगा। ईसीआई ने कहा कि मशीनों को मोहाली तक पहुंचाने की व्यवस्था भी आयोग स्वयं कर रहा है। साथ ही फर्स्ट लेवल चेकिंग और कमीशनिंग प्रक्रिया में भी पूरा सहयोग दिया जाएगा।

यह दावा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग पहले अदालत में कह चुका है कि यदि मशीनें उपलब्ध भी हो जाएं, तब भी उनकी जांच, तैयारी और तैनाती में 15 से 18 दिन का समय लगेगा। इसी आधार पर आयोग ने 27 मई को होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने का फैसला लिया था।

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ईसीआई ने समय समीक्षाा पेश की

मामला उस याचिका से जुड़ा है जिसमें बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले को चुनौती दी गई है। एक दिन पहले ईसीआई ने अदालत में विस्तृत समय-सीमा पेश करते हुए दावा किया था कि देरी राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से हुई, न कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से। इसके बाद हाई कोर्ट ने पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग को हलफनामा दाखिल कर अपना पक्ष स्पष्ट करने का निर्देश दिया था।

सुनवाई के दौरान पंजाब के महाधिवक्ता मनिंदरजीत सिंह बेदी ने याचिका की सुनवाई पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद न्यायिक हस्तक्षेप सीमित होता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अदालत से याचिका की ग्राह्यता पर विचार करने का आग्रह किया।

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