जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब में सोशल मीडिया पर नशे (चिट्टा) के खिलाफ मुहिम शुरू होने से कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार में भी हलचल मच गई है। पंजाब कैबिनेट की आज इस मुद्दे पर आपात बैठक होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नशे को लेकर सोशल मीडिया पर हो रही सरकार की बदनामी को देखते हुए स्पेशल टास्कफोर्स (एसटीएफ) से अब तक की कार्रवाई व स्थिति पर पूरे आंकड़े मंगवाए हैं। दूसरी ओर रविवार को नशे के खिलाफ 'मरो या विरोध करो' मुहिम शुरू हो गई। यह मुहिम सोशल मीडिया पर 7 जुलाई तक चलेगी।

कैप्‍टन सरकार ने स्पेशल टास्क फोर्स से मंगवाए नशे से संबंधित ताजा आंकड़े

 मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह दावा कर रहे हैं कि सरकार ने नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ दिया है और नशा करने वालों को नशीले पदार्थ न मिलने के कारण वह अन्य नशीले पदार्थ ले रहे हैं। दूसरी ओर, सीएम के इन दावों को लेकर कांग्रेस के नेता भी अपनी सरकार का बचाव करने में नाकाम रहे हैं। नशे के मुद्दे पर पूर्व कै‍बिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह जैसे नेताओं ने सवाल उठाकर ने सरकार की साख को प्रभावित किया है।

7 जुलाई तक सोशल मीडिया पर चलेगी 'मरो या विरोध करो' मुहिम

पार्टी का कोई जिला प्रधान, विधायक और अन्य सीनियर नेता भी सरकार का बचाव नहीं कर रहा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि नशा को लेकर पूर्व अकाली-भाजपा सरकार की जो हालत अपने कार्यकाल के आखिरी साल में थी, कांग्रेस सरकार की वही हालत दूसरे साल में बन गई है। ऐसा लग रहा है कि पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।

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वीडियो डालकर बढ़ा रहे मुहिम

सोशल मीडिया पर गायकों, गीतकारों और साहित्यकारों ने चिट्टे के खिलाफ काला सप्ताह मनाने का ऐलान कर मुहिम छेड़ी है। सोशल मीडिया पर नशीले पदार्थों को लेकर छोटे-छोटे वीडियो डाले जा रहे हैं, जिसमें पिछले कुछ समय में मारे गए युवाओं के बारे में दिखाया जा रहा है। एक अन्य वीडियो में कैप्टन अमरिंदर सिंह को गुटका साहिब की सौगंध लेते हुए दिखाया जा रहा है। माना जा रहा है मुख्यमंत्री पर भी नशे के तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

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कैबिनेट में होगा मंथन

पता चला है कि सोमवार को होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में हाल ही में नशों के कारण हुई मौतों के मामलों को भी एजेंडे में शामिल किया गया है। बताया जाता है कि इस मौके पर पुलिस के सीनियर अधिकारियों को भी हाजिर रहने को कहा गया है। अधिकारियों से आंकड़े लेने के बाद कैबिनेट में इस बात की भी चर्चा होगी कि आखिर कैसे इस संकट से निपटा जाए और किस तरह से सरकार अपने आप को नशे के खिलाफ अग्रेसिव रूप में पेश करे।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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