चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब सरकार ने राज्‍य के उद्यमियों की जीएसटी ट्रिब्यूनल पर मांग को ठुकरा दिया है। अब सरकार ने यह टिब्‍यूनल चंडीगढ़ में ही बनाने का फैसला किया है। राज्य भर के उद्यमी मांग कर रहे थे कि इसे लुधियाना में बनाया जाए। वैट ट्रिब्यूनल भी चंडीगढ़ में ही था, इसलिए पंजाब सरकार ने जीएसटी ट्रिब्यूनल भी चंडीगढ़ में ही रखने का फैसला किया है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने राज्य स्तर पर जीएसटी के विवादों का समाधान करने के लिए राज्यों में जीएसटी ट्रिब्यूनल बनाने का फैसला किया था। वेल्यू एडिड टैक्स (वैट) सिस्टम के दौरान भी ट्रिब्यूनल बनाए गए थे। उसी तर्ज पर जीएसटी ट्रिब्यूनल बनाए जाने हैं। केंद्र सरकार ने ट्रिब्यूनल के नियमों को भी नोटीफाई कर दिया है। हरियाणा सरकार ने जहां हिसार में ट्रिब्यूनल बनाने का फैसला किया है वहीं, पंजाब सरकार ने इसे चंडीगढ़ में ही स्थापित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है।

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उद्यमियों द्वारा जीएसटी ट्रिब्यूनल लुधियाना में बनाने की मांग के पीछे कई वजहें थीं। सबसे बड़ी वजह थी कि लुधियाना पंजाब का मैनचेस्टर है। यहीं पर सबसे ज्यादा कारोबार है। लुधियाना पंजाब का करीब-करीब सेंटर प्वाइंट भी है। इस वजह से लोगों को लुधियाना तक पहुंचना आसान हो जाता है।

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टैक्स सलाहकार व सीए अश्विनी कुमार गुप्ता कहते हैं कि अगर पंजाब सरकार इसे लुधियाना में स्थापित करती तो इससे न सिर्फ उद्यमियों का काफी समय बचता बल्कि आने-जाने का खर्च भी बचता। वैट ट्रिब्यूनल चंडीगढ़ में जरूर था, लेकिन इसे बदले जाने की मांग की जा रही थी। बता दें कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने ट्रिब्यूनल हिसार में स्थापित करने का फैसला किया है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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