चंडीगढ़ में दागी अधिकारी की गई कुर्सी, मार्केट कमेटी के सचिव पद से हटाया; नियुक्ति होते ही उठे थे सवाल
दैनिक जागरण की खबर के बाद चंडीगढ़ मार्केट कमेटी के सचिव मनोज कुमार शर्मा को पद से हटा दिया गया ...और पढ़ें

हफ्ते पहले मार्केट कमेटी में सचिव नियुक्त किए गए मनोज कुमार शर्मा की गई कुर्सी। (एआई जनरेटेड इमेज)
HighLights
मनोज कुमार शर्मा को सचिव पद से हटाया गया।
आय से अधिक संपत्ति का सीबीआई केस दर्ज है।
प्रशासन ने नलिनी बांगा को सौंपा अतिरिक्त कार्यभार।
रवि अटवाल, चंडीगढ़। हफ्ते पहले मार्केट कमेटी में सचिव नियुक्त किए गए मनोज कुमार शर्मा को प्रशासन ने पद से हटा दिया है। शर्मा के खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है और उन पर आय से अधिक संपत्ति का भी केस दर्ज है, जिसमें उनकी पत्नी भी आरोपित है।
इसके बावजूद उन्हें सचिव नियुक्त करने पर सवाल उठे थे। असर यह हुआ कि तीन दिन बाद ही प्रशासन ने उन्हें पद से हटाकर स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड की सुपरिंटेंडेंट नलिनी बांगा को अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया।
करीब दो साल पहले मार्केट कमेटी में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया था। तब मार्केट कमेटी सचिव मनोज कुमार शर्मा ही थे। एक फल विक्रेता से रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने शर्मा के ड्राइवर साबर अली और एक अन्य कर्मचारी राहुल यादव को गिरफ्तार किया था।
शिकायतकर्ता ने शर्मा पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए थे। हालांकि, रिश्वत मामले की जांच में उनकी भूमिका सामने नहीं आई थी, लेकिन सीबीआइ ने उनके खिलाफ जांच जारी रखी थी।
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आय से 53.70 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप
रिश्वत मामला सामने आने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। दूसरी तरफ, सीबीआई ने मनोज कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू कर दी थी। एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2016 से 2017 के बीच शर्मा और उनकी पत्नी ने ज्ञात आय के स्रोतों से 53.70 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की थी।
सीबीआई ने आयकर विभाग और बैंक खातों से जुड़े रिकाॅर्ड के आधार पर उनकी आय और संपत्ति का आंकलन किया था। सीबीआई ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। सीबीआई इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है।