चंडीगढ़ में दागी अफसर को सौंप दी मार्केट कमेटी की कुर्सी, SDO मनोज शर्मा को सचिव बनाए जाने पर उठे सवाल
चंडीगढ़ प्रशासन ने एसडीओ मनोज कुमार शर्मा को सेक्टर-26 मार्केट कमेटी का सचिव नियुक्त किया है, जबकि उनके खिलाफ सीबीआई ...और पढ़ें

सेक्टर-26 मार्केट कमेटी में सचिव पद की नियुक्ति पर उठ रहे सवाल। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई केस जारी।
आय से अधिक संपत्ति मामले में पत्नी भी आरोपित।
रिश्वत मामले में भी उनका नाम सामने आया था।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-26 मार्केट कमेटी में सचिव पद की नियुक्ति को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में प्रशासन ने एसडीओ मनोज कुमार शर्मा को मार्केट कमेटी का सचिव नियुक्त किया, जबकि उनके खिलाफ सीबीआई कोर्ट में आय से अधिक संपत्ति का केस चल रहा है। इस मामले में उनकी पत्नी भी आरोपित है।
पिछले साल सीबीआई ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। शर्मा का नाम एक रिश्वत मामले में भी सामने आया था। हालांकि, उस मामले में सीबीआई जांच के दौरान उनकी भूमिका सामने नहीं आई थी, लेकिन बाद में उनकी संपत्ति की जांच शुरू हुई और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया।
इसके बावजूद उन्हें दोबारा इसी पद पर नियुक्त किए जाने से प्रशासन के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि उन्हें अस्थायी तौर पर यहां नियुक्त किया है।
जांच में मिली आय से 53 प्रतिशत अधिक संपत्ति
सीबीआई ने मनोज कुमार शर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2016 से 2017 के बीच शर्मा और उनकी पत्नी ने आय से 53.70 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की थी। सीबीआई ने आयकर विभाग और बैंक खातों से संबंधित रिकाॅर्ड जुटाकर उनकी आय और संपत्ति का आकलन किया था।
रिश्वत मामले के बाद संपत्ति की जांच शुरू
करीब दो साल पहले सीबीआई ने मार्केट कमेटी में रिश्वतखोरी के मामले का पर्दाफाश किया था। तब भी शर्मा ही सचिव थे। तब सीबीआई ने उनके ड्राइवर साबर अली और कर्मचारी राहुल यादव को एक फल विक्रेता से 12 हजार रुपये प्रति सप्ताह रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन सचिव मनोज कुमार शर्मा की मिलीभगत के आरोप भी लगाए थे। हालांकि, रिश्वत मामले की जांच में उनकी भूमिका सामने नहीं आई थी।
