विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

डंपिंग ग्राउंड में काम के नाम पर JCB-टिप्परों के बिल, मशीनें कहां चल रहीं? सवालों के घेरे में चंडीगढ़ नगर निगम

Published: Fri, 09 Oct 2026 07:39 PM (GMT+05:30)

चंडीगढ़ नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड में जेसीबी और टिप्परों के बिल पास करने में कथित अनियमितताओं का मामला सामने ...और पढ़ें

नगर निगम में घालमेल की आशंका। (सांकेतिक फोटो)

 नगर निगम में घालमेल की आशंका। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. डंपिंग ग्राउंड में जेसीबी-टिप्पर बिलों में अनियमितता का आरोप।

  2. सेनिटरी इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के बाद जांच की मांग।

  3. मशीनों के वास्तविक उपयोग और लाॅगबुक की पड़ताल जरूरी।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। नगर निगम के मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (एमओएच) के तहत डंपिंग ग्राउंड में जेसीबी और टिप्पर चलाने के काम में भी घालमेल की आशंका सामने आ रही है।

डंपिंग ग्राउंड में जेसीबी के काम से जुड़े बिल पास करने के बदले पांच लाख रुपये की कथित रिश्वत लेने के मामले में सेनिटरी इंस्पेक्टर शक्ति शर्मा के रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद अब इन मशीनों के इस्तेमाल और भुगतान की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, एमओएच के तहत जेसीबी और टिप्परों के काम के बिल डंपिंग ग्राउंड में काम करने के नाम पर पास करवाए जाते हैं, जबकि इन मशीनों के वहां वास्तव में काम करने और उनकी तैनाती को लेकर सवाल हैं।

बताया जाता है कि कई बार मशीनों के शहर में अलग-अलग स्थानों पर काम करने की बात कही जाती है। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि मशीनें निर्धारित स्थान पर काम कर रही थीं या उनके नाम पर केवल बिल पास करवाए जा रहे थे।

यह भी पढ़ें- चंडीगढ़ निगम में भ्रष्टाचार का खेल, सेनिटरी इंस्पेक्टर के पकड़े जाने पर उठे सवाल; स्वतंत्र जांच की मांग

इंजीनियरिंग विभाग भी करवाता है काम

नगर निगम के इंजीनियरिंग विभाग के तहत भी डंपिंग ग्राउंड में कचरे से संबंधित कार्यों के लिए जेसीबी और टिप्पर लगाए जाते हैं। इनमें से कुछ काम आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से करवाए जाते हैं।

ऐसे में सवाल है कि जब डंपिंग ग्राउंड में कचरे से जुड़े कार्यों के लिए एजेंसियां पहले से लगी हैं तो एमओएच के तहत अतिरिक्त मशीनें किस काम के लिए रखी गई हैं और उनकी वास्तविक तैनाती कहां है।

यह भी पढ़ें- चंडीगढ़ निगम में भ्रष्टाचार, रिश्वत बंटवारे में सेनिटरी इंस्पेक्टर से लेकर ज्वाइंट कमिश्नर का नाम; CBI जांच शुरू

मशीनों की लाॅगबुक और बिलों की हो जांच

मामले में यह जांचने की जरूरत है कि एमओएच के तहत कितनी जेसीबी और टिप्पर आउटसोर्स पर लिए गए हैं, उनकी लाॅगबुक नियमित रूप से मेंटेन होती है या नहीं, मशीनों के संचालन का समय और स्थान दर्ज किया जाता है या नहीं और बिलों का भुगतान किन रिकाॅर्ड के आधार पर किया गया।

सीबीआई की जांच में संबंधित मशीनों के अनुबंध, लागबुक, ड्यूटी रिकाॅर्ड और बिलों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। इन रिकाॅर्ड को सुरक्षित कर वास्तविक काम और भुगतान का मिलान करने से ही स्पष्ट होगा कि कहीं मशीनों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग तो नहीं हुआ।