परविंदर झोटा मर्डर केस की CBI जांच शुरू, पंजाब पुलिस से केस की फाइलें और आरोपी केमिस्ट की कस्टडी लेने की तैयारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंप दी है, जिसके बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच शुरू (फाइल फोटो)
HighLights
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परविंदर झोटा मामले की जांच CBI को सौंपी
CBI ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में मामला दर्ज कर जांच शुरू की
केमिस्टों की नशीले पदार्थों की बिक्री में भूमिका की जांच होगी
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परविंदर सिंह झोटा के मामले की जांच मंगलवार को सीबीआइ को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि परिवार की मांग का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया गया है।
सरकार नशा तस्करों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस हत्याकाडं को लेकर एक बार फिर से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारी इस बात की जांच करेंगे कि प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की केमिस्ट की दुकानों पर खुलेआम बिक्री के पीछे क्या कोई संबंध है।
सीबीआई मानसा में पंजाब पुलिस से मामले से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लेगी। भ्रष्टाचार-रोधी जांच एजेंसी केमिस्ट अश्विनी कुमार और अन्य लोगों की कस्टडी की मांग करेगी।
क्या बोले थे भगवंत मान?
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। नशे के खिलाफ लड़ाई में सरकार पीछे नहीं हटेगी। पंजाब के युवाओं की रक्षा करना और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही: हरपाल चीमा
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने इसे सरकार का बड़ा कदम बताया। मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सरकार का नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस पहले ही मामले में आरोपितों पर कार्रवाई कर चुकी है। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने भी नशा तस्करी के खिलाफ लड़ाई जारी रखने और पंजाब के युवाओं को नशे के खतरे से बचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
