जेएनएन, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कृषि सेक्टर के लिए किए एलान को जुमलों की गठरी कह कर खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक पैकेज में संकट में घिरे किसानों को कोई तुरंत राहत नहीं दी गई, जो इन मुश्किल हालात में एक के बाद एक दो बड़ी फसलों को संभालने की चुनौतियों से लड़ रहे हैं।

आर्थिक पैकेज के अब तक के तीनों हिस्सों ने समाज के जरूरतमंद वर्गों को निराशा के सिवाय और कुछ नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पष्ट तौर पर केंद्र उन लोगों के बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने में असफल रही है, जिनको कोविड संकट के मद्देनजर लगाए गए लॉकडाउन के दौरान संघर्ष करना पड़ रहा है।

कैप्टन ने कहा कि किसानों को तत्काल राहत की जरूरत है न कि सुधार उपायों की, जो लंबे समय से चले आ रहे हैं। बार-बार विनती करने के बावजूद केंद्र सरकार ने मंडियों में अपनी उपज देरी से लाने वाले किसानों को बोनस नहीं दिया। कोविड प्रोटोकोल और लेबर की कमी से निपटने के लिए समय से पहले अब राज्य में धान की पनीरी की बिजाई शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर केंद्र सरकार ने मदद करने का कोई संकेत नहीं दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र से पूरा समर्थन न मिलने के बावजूद पंजाब के किसानों ने एक बार फिर अपनी मेहनत और संघर्ष से गेहूं की बंपर फसल की पैदावार की। राज्य एजेंसियों ने दिन और रात काम किया, ताकि केंद्र की मदद के बिना सहज और निर्बाध खरीद सुनिश्चित की जा सके।

यह भी पढ़ें: पंचकूला में युवती ने बच्चे को जन्म दिया तो हुआ खुलासा, पिता एक साल से कर रहा था दुष्कर्म

यह भी पढ़ें:  आर्थिक पैकेज से फाउंड्री इंडस्ट्री को मिलेगी गति, उद्यमी बोले- मुश्किल घड़ी में मिला सहारा

यह भी पढ़ें: पंजाब में नशा तस्करी: तीन साल में 47 पुलिस कर्मी बर्खास्त, 17 निलंबित

Posted By: Kamlesh Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!