CBI की दबिश पर CM मान का भाजपा पर हमला, बोले- चुनाव का समय आ गया; एजेंसियों के इस्तेमाल का लगाया आरोप
सीबीआई की दबिश पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे चुनावी रणनीति बताते हुए भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री भगवत मान।
HighLights
मुख्यमंत्री मान ने सीबीआई दबिश को चुनाव से जोड़ा, भाजपा पर हमला।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप, विपक्षी सरकारों को निशाना बनाना।
पंजाब में निवेश और रोजगार के लिए नया पोर्टल लॉन्च किया।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पर CBI की दबिश को लेकर भगवंत मान ने कहा कि इसका संदेश साफ है, चुनाव समय आ गया है और समय पर है। मान ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पंजाब में अपना चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है और चुनाव से पहले केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं और सरकारों को निशाना बनाना भाजपा का तरीका रहा है।
उन्होंने कहा कि बंगाल, दिल्ली, छत्तीसगढ़, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी चुनाव से कुछ महीने पहले विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी और आयकर विभाग की कार्रवाई के उदाहरण सामने आए हैं। मान ने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कथित शराब घोटाले में जेल भेजा गया और दो-तीन महीने बाद चुनाव हुए।
इसी तरह उन्होंने हेमंत सोरेन का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कार्रवाई के बाद कुछ समय में चुनाव हुए। हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस नेताओं पर चुनाव से पहले आयकर की रेड होने का उन्होंने दावा किया।
यह भी पढ़ें- पंजाब में किरायेदार दुकानदारों को मिलेगा मालिकाना हक, 'मेरी दुकान मेरे नाम' योजना शुरू
सीबीआई के पास 15 साल पुराने मामले
मान ने कहा कि सीबीआई के पास 10-15 साल पुराने मामले पड़े हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई इतनी तेजी से नहीं होती, जबकि कुछ मामलों में रातोंरात कार्रवाई शुरू हो जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे आदेश हाथ में आया और अधिकारी तुरंत कार्रवाई के लिए निकल पड़े।
उन्होंने कहा कि यह पहले से बनाई गई रणनीति का हिस्सा है। सीबीआई ने मुख्यमंत्री के कैंप कार्यालय समेत कई स्थानों पर कार्रवाई की है और यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के ओएसडी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके घरों से भ्रष्टाचार का पैसा नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने दफ्तरों में होने वाली खज्जल-खवारी को खत्म करने के लिए काम ऑनलाइन किया है, जिससे रिश्वत लेने के रास्ते और मौके कम हों। मान ने कहा कि पंजाब के लोगों को पता है कि वह किस मकसद से राजनीति में आए हैं।
यह भी पढ़ें- SGPC के पूर्व सदस्य पर NRI महिला से रेप का आरोप मामले में जांच तेज, पंजाब सरकार ने बनाई तीन सदस्यीय SIT
पंजाब के लोगों को सब पता है
उन्होंने कहा कि न तो वह किसी राजनीतिक परिवार से आए हैं और न ही ठेकों, बसों या होटलों के जरिए करोड़ों रुपये कमाने की राजनीति करते हैं। वह लोगों के दुख-सुख में शामिल होने के लिए राजनीति में आए हैं।
मान ने कहा कि वह किसी जांच से भागने वाले नहीं हैं। सीबीआई की ओर से उचित माध्यम से समन मिलता है तो वह हर जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम करें, लेकिन पंजाब के लोगों को भी सब पता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल पंजाब सरकार और उन्हें बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।
निवेश और रोजगार पोर्टल एक बड़ा कदम
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब में निवेश और रोजगार को लेकर नए पोर्टल को भी बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब में करीब 1.99 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है, जिससे 6 लाख 31 हजार नौकरियां पैदा होने वाली हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ निवेश के आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि वास्तविक निवेश के साथ रोजगार पैदा करना है।
मान ने बताया कि पोर्टल के जरिए उद्योग सीधे अपनी जरूरत दर्ज करा सकेंगे। यदि किसी उद्योग को पांच बेल्डर या इलेक्ट्रिकल काम के विशेषज्ञ चाहिए तो वह पोर्टल पर इसकी जानकारी देगा और आईटीआई तथा अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में उपलब्ध प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी के आधार पर उद्योग को योग्य युवाओं से सीधे जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि करीब 1,700 संस्थान इस व्यवस्था से जुड़ेंगे। इससे उन उद्योगों को भी अपने आसपास के क्षेत्र से कर्मचारी, तकनीशियन और इंजीनियर मिल सकेंगे, जिन्हें स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत होती है।
प्रक्रिया में होगी पूरी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टल पर उद्योगों की अर्जियों की 45 दिन की समयसीमा के दौरान निगरानी भी की जा सकेगी। निवेशक यह देख सकेगा कि उसकी फाइल इन्वेस्ट पंजाब के किस अधिकारी या उद्योग विभाग के सचिव के पास है। इससे प्रक्रिया पारदर्शी होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पोर्टल में ऐसे फीचर भी जोड़े जाएंगे, जिनसे पंजाब के युवाओं को पंजाब से बाहर उपलब्ध रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जा सके।
मान ने कहा कि टाटा स्किल्स समेत कई कंपनियों ने पंजाब में काम शुरू किया है। उन्होंने कारगिल और जेएसडब्ल्यू जैसी कंपनियों का भी जिक्र किया। जर्मनी और जापान की कंपनियों की ओर से पंजाब में निवेश की रुचि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे और प्लांट लाने के प्रयास कर रही है।
उन्होंने पराली से गैस बनाने वाले प्रोजेक्टों का भी उल्लेख किया और कहा कि सरकार उद्योगों को पराली को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है तथा इसके लिए सब्सिडी भी दी जा रही है। इससे उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन मिलने के साथ पंजाब की पराली की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी।
