यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमृतसर मेयर चुनाव के बाद सियासी बवाल, धांधली का आरोप लगा हाई कोर्ट पहुंची कांग्रेस; राज्यपाल से भी मांगा समय
अमृतसर मेयर चुनाव में धांधली के आरोपों के बीच कांग्रेस पार्टी ने हाई कोर्ट का रुख किया है। पार्टी ने ...और पढ़ें

HighLights
- राजभवन से कांग्रेस को मिला शाम 6:00 बजे का समय
- कांग्रेस ने दायर किया है कोर्ट की अवमानना का केस
कैलाश नाथ, चंडीगढ़। अमृतसर में मेयर चुनाव (Amritsar Mayor Election) को लेकर के कोई धांधली के खिलाफ कांग्रेस पार्टी हाई कोर्ट पहुंच गई है। कांग्रेस पार्टी ने कोर्ट की अवमानना का केस दायर किया है। अब इसकी सुनवाई बुधवार 29 जनवरी को होगी। वही इस मुद्दे को लेकर के कांग्रेस ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से भी समय मांगा है। जानकारी के अनुसार राजभवन से शाम 6:00 बजे का समय कांग्रेस को दिया गया है।
41 पार्षदों के बावजूद कांग्रेस नहीं बना पाई मेयर
बता दें कि अमृतसर नगर निगम में 41 पार्षद होने के बावजूद कांग्रेस अपना मेयर नहीं बना पाई। सत्ताधारी पार्टी आम आदमी पार्टी ने अपना मेयर घोषित कर दिया। मेयर चुनाव को लेकर के कांग्रेस पहले ही हाई कोर्ट जा चुकी है जिसे देखते हुए मंगलवार को हाई कोर्ट ने मेयर चुनाव की वीडियोग्राफी करने की आदेश दिए थे।
चुनाव में हुई धांधली को लेकर के कांग्रेस के नेता जहां अमृतसर में धरने पर बैठे हुए हैं वहीं अब देर शाम को वह राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से भी मुलाकात करेंगे।
निगम चुनाव के 37 दिन बाद मिला मेयर
अमृतसर नगर निगम चुनाव के 37 दिन बीत जाने के बाद आखिर अमृतसर को मेयर मिल गया, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह में जमकर हंगामा हुआ। आप की ओर से जितेंद्र सिंह मोती भाटिया को मेयर, प्रियंका शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और अनीता रानी को डिप्टी मेयर घोषित किया गया है।
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मेयर का नाम प्रस्तावित होते ही कांग्रेसी करने लगे विरोध
मेयर के लिए जितेंद्र भाटिया का नाम प्रस्तावित होने के साथ ही कांग्रेसी विरोध करने लगे। कांग्रेस नेता हरीश चौधरी, नेता विपक्ष सांसद प्रताप सिंह बाजवा, प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग व पूर्व उपमुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी अपने पार्षदों के साथ पुलिस कमिश्नर के निवास के बाहर धरने पर बैठे, जो देर रात जारी रहा।
कांग्रेस नेताओं ने बहुमत होने का दावा करते हुए सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की सरकार पर धक्केशाही का आरोप लगाया और हाईकोर्ट जाने की बात कही है। वहीं, आप नेतृत्व ने दावा किया कि चुनाव के दौरान कांग्रेस के दो पार्षद अनुपस्थित रहे, जिससे उनकी स्थिति कमजोर हो गई।
