चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्‍य मेंं नौकरियों में हरियाणा की तर्ज पर कोटे की संभावना से इन्कार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में इस संबंध में पड़ोसी राज्य की ओर से हाल ही में लिया गया फैसला न्यायिक जांच पर खरा नहीं उतर सकेगा। हम पंजाब में इस तरह का कदम नहीं उठा सकते हैं। बता दें कि हरियाणा में नौकरियों में राज्‍य के लोगों काे 75 फीसद आरक्षण दिया गया है।

हरियाणा का फैसला अदालतों की जांच में खरा नहीं उतरेगा, संविधान भेदभाव की इजाजत नहीं देता

मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने फेसबुक लाइव में एक सवाल के जवाब में कहा कि पंजाब में नाैकरियों में इस तरह का कोटा तय नहीं किया जा सकता है। उनसे पूछा गया कि उनकी सरकार हरियाणा मॉडल क्यों नहीं अपना सकती, क्योंकि पंजाब में ज्यादातर बाहरी व्यक्ति ही नौकरियां हासिल कर रहे हैं, इस पर उन्‍होंने कहा कि इस तरह का कदम उचित नहीं है।

पंजाबी पूरे देश में नौकरियां कर रहे, किसी राज्य में कोई पाबंदी नहीं

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि संविधान और कानून नौकरियों के मामले में ऐसे किसी भी भेदभाव की इजाजत नहीं देता। पंजाबी पूरे देश में नौकरियां कर रहे हैं और किसी राज्य में इन पर कोई पाबंदी नहीं है। हम दूसरे राज्यों के नौजवानों को पंजाब में नौकरियां लेने से नहीं रोक सकते। मेरी नजर में हरियाणा का फैसला अदालतों की जांच में खरा नहीं उतर पाएगा।

गैंगस्टर विकास दुबे के उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर पर कैप्टन ने कहा कि वह इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन कांग्रेस की ओर से जांच की मांग करना बिल्कुल जायज है। सत्य सामने आना चाहिए।

ढींडसा के पार्टी बनाने से मेरा कोई लेना-देना नहीं

यह पूछे जाने पर‍ कि क्‍या सुखदेव सिंह ढींडसा ने अपनी पार्टी कांग्रेस की शह पर बनाई है, कैप्‍टन अमरिंदर ने कहा कि कांग्रेस किसी भी तरीके से शिरोमणि अकाली दल की राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करती है। ढींडसा जीवन भर अकाली दल की राजनीति करते रहे। उन्हें लोकतंत्र में पूरा अधिकार है कि वह अपनी पार्टी बना सकें। वैसे भी अकाली दल कोई पहली बार नहीं टूटा है। 1984 में ही सात अकाली दल थे। यह पार्टी तो टूटती रहती है। जो हालात है 2-4 अकाली दल और बन जाएंगे।

तुली लैब में फर्जीवाड़े की जांच के लिए कैप्टन ने बनाई एसआइटी

सीएम कैप्‍टन अमरिंदर ने कहा कि अमृतसर की प्राइवेट तुली लैब में कोरोना रिपोर्टों के फर्जीवाड़े की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) गठित की गइ€र्है। इसमें अमृतसर के पुलिस कमिश्नर, एडीसी और सिविल सर्जन शामिल होंगे। गौरतलब है कि तुली लैब में नेगेटिव केस को पॉजिटिव बनाकर इलाज के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने का मामला सामने आया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई महामारी में लोगों को लूटने का प्रयास करे, यह बर्दाश्त नहीं होगा। 15 दिनों में कोई गिरफ्तारी नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विजिलेंस ने छापेमारी की थी, लेकिन तुली लैब ने कोर्ट में कहा है कि विजिलेंस जांच नहीं कर सकती। इसलिए तीन सदस्यों वाली एसआइटी बनाई गई है। केस पंजाब पुलिस को ट्रांसफर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। उन्होंने शिअद विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया की उस मांग का विरोध किया, जिसमें उन्होंने तुली लैब की जांच को जिला पुलिस से वापस लेने के लिए कहा था। कैप्टन ने कहा कि अकाली नेता का यह बयान पुलिस का मनोबल गिराने वाला है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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