चंडीगढ़, [मनोज त्रिपाठी]। अलकायदा ने कश्मीरी आतंकी गुट हिजबुल मुजाहीदीन से निकाले जाने के बाद अपना आतंकी संगठन बनाने वाले जाकिर रफीक भट्ट उर्फ मूसा के साथ पंजाब में आतंक फैलाने का सौदा किया है। इसी साल फरवरी में खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक भी लग गई थी। उसके बाद से ही मूसा के पीछे खुफिया एजेंसियों ने अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया था। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने दो हफ्ते पहले ही पंजाब पुलिस को मूसा व अलकायद के संयुक्त प्रयास से पंजाब में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की आशंका को लेकर अलर्ट जारी कर दिया था।

कश्मीर में मूसा ने आतंकियों की नाक में कर रखा है दम, आतंक की नई पौध तैयार कर रहा है मूसा

अलकायदा मूसा के सहारे पंजाब में एक बार फिर धार्मिक नेताओं की हत्याएं व धर्म की आड़ में आतंक फैलाने की कोशिश में है। जालंधर के सी.टी. इंस्टीट्यूट से पकड़े गए तीनों कश्मीरी छात्रों में दो मूसा के संगठन के साथ जुड़े थे।  इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर आतंकी बने मूसा को हिजबुल ने पाकिस्तान का विरोध करने के मामले में बीते साल कमांडर के पद से बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद मूसा ने अलकायदा की मदद से अंसार गाजवत-उल हिंद नामक आतंकी संगठन तैयार किया।

अलकायदा व हिजबुल के कई आतंकियों को मिला चुका है साथ, बुरहान वानी का करीबी

आतंकी बुरहानी वानी का करीबी होने के नाते उसने अपने साथ हिजबुल व लश्कर-ए-तैयबा के कई युवा व पढ़े-लिखे आतंकियों की पौध तैयार कर ली है। अभी तक मूसा के संगठन ने कश्मीर ने कोई बड़ी वारदात नहीं की है, लेकिन कश्मीरी आतंक के पोस्टर ब्वाय के रूप में वह बाकी संगठनों से काफी आगे निकल चुका है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की सूचना पर बीते साल नूरपुर में सेना ने मूसा को घेर लिया था, लेकिन पत्थरबाजों की मदद से वह भागने में सफल रहा था।

पंजाब में संघ प्रमुख भागवत

आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार से जालंधर के तीन दिन के दौरे पर हैं। वह पंजाब, जम्मू-कश्मीर व हिमाचल सहित कई राज्यों के संघ पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। इसके अलावा पंजाब में बेअदबी के मामले को लेकर लगातार बिगड़ते जा रहे माहौल के मद्देनजर तीनों आतंकियों की गिरफ्तारी ने फिलहाल मूसा व अलकायदा की कोशिशों के बेनकाब कर दिया है।

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अलकायदा के आतंकी नहीं चाहते मूसा कश्मीर में रहे सक्रिय

अलकायदा के कश्मीर यूनिट के आतंकी नहीं चाहते कि मूसा कश्मीर में सक्रिय रहे। यही वजह है कि अलकायदा कश्मीर में ही अपने ही दो गुटों में बंटने के बाद मूसा ने नए टागरेट पर काम करने शुरू किया। मूसा के इन्कार के बाद अलकायदा ने उसे नया संगठन बनाने में आर्थिक मदद भी की है। खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक चार माह पहले ही लग गई थी। मूसा ने कश्मीर में आतंक को नई दिशा देने की कोशिशें की है। मूसा के सक्रिय होने के बाद कश्मीर में तेजी के साथ अलगाव की मांग कम हो रही है। यही वजह है कि अलकायदा के आतंकी चाहते हैं कि मूसा कश्मीर से बाहर सक्रिय रहे।

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मूसा ने किया पाकिस्तान का डटकर विरोध

खुफिया एजेंसियों की ओर से इस संबंध में सांझी की गई जानकारी में यह भी है कि मूसा ने कश्मीर के कट्टरवादी युवाओं को पाकिस्तान के खिलाफ तैयार कर रहा है। यही वजह है कि वह आतंक की 'दुकानदारी' में पाकिस्तान का सहयोग नहीं चाहता। उसने अपनी रणनीति बदल कर कश्मीरी व कश्मीर से बाहर रह रहे मुसलमानों को आतंक के साथ जोड़ने की दिशा में काम किया है। मूसा ने बीते दिनों सोशल मीडिया एक वीडियो जारी करके भारत के मुसलमानों के खिलाफ जमकर जहर उगलकर उन्हें कायर तक कह डाला था। मूसा की कोशिश है कश्मीर में आतंक को लेकर पाकिस्तान की दुकानदारी बंद हो।

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कश्मीर में आतंक का पोस्टर ब्वॉय

कश्मीर में आतंक का पोस्टर ब्वॉय बने बुरहान वानी के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उसके स्थान पर उसके करीबी मूसा ने आतंक के नए पोस्टर ब्वॉय के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। सोशल मीडिया के सहारे आतंक की पौध तैयार करने व कश्मीर में आतंक को नई दिशा देने की कोशिशों में जुटे मूसा को सोशल मीडिया पर 18 हजार से ज्यादा समर्थकों ने नई पहचान दी है। बुरहान के बाद तीन महीने में ही सोशल मीडिया पर छाने के बाद मूसा ने अपना अलग संगठन बना लिया है।

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सभी एंगल पर की जा रही जांच: डीजीपी

डीजीपी सुरेश अरोड़ा का कहना है कि इस मामले पर पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों से मिलकर सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। पंजाब में अशांति फैलाने की कोशिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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