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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भ्रष्टाचार के दलदल में बुरी तरह फंसे पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल, कोर्ट ने गिरफ्तारी का वारंट किया जारी

By Jagran NewsEdited By: Gurpreet Cheema
Published: Tue, 26 Sep 2023 01:05 PM (IST)Updated: Tue, 26 Sep 2023 05:26 PM (IST)

बठिंडा की ज्यूडिशियल कोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया है। ...और पढ़ें

विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा नेता मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी (फाइल फोटो)
विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा नेता मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. प्रताप सिंह बादल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी
  2. धोखाधड़ी के मामले से जुड़े लोगों की धरपकड़ शुरू
  3. पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने अग्रिम जमानत की अर्जी ली वापस

जासं(बठिंडा), जागरण संवाददाता। Manpreet Sing Badal Case: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मंगलवार को बठिंडा में एक संपत्ति की खरीद में कथित अनियमितताओं के मामले में पूर्व वित्त मंत्री व भाजपा नेता मनप्रीत सिंह बादल के खिलाफ ज्यूडिशियल कोर्ट ने गिरफ्तारी को लेकर वारंट जारी किया है। इसके बाद मनप्रीत सिंह बादल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। विजिलेंस की टीमें लगातार मनप्रीत बादल की गिरफ्तारी करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही थीं।

पहले लुकआउट नोटिस किया गया था जारी

इससे विदेश जाने से रोकने के लिए उनके खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा ने अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश पर लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया था। अधिकारियों को संदेह था कि बादल गिरफ्तारी से बचने के लिए देश से भाग सकते हैं, और इसलिए सभी हवाई अड्डों को अलर्ट पर रखा गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने बादल का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया। अधिकारियों ने उनके आवास और अन्य ज्ञात स्थानों पर छापे मारे, लेकिन उनका वर्तमान ठिकाना निश्चित नहीं है।

बठिंडा कोर्ट में दायर की अग्रिम जमानत की अर्जी वापस ली

पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने बठिंडा कोर्ट में दायर की अग्रिम जमानत की अर्जी वापस ले ली थी। उनकी अर्जी की सुनवाई एडिशन सेशन जज राम कुमार गोयल की अदालत में होनी थी, लेकिन मंगलवार को मनप्रीत बादल के वकील एडवोकेट सुखदीप बिंदर ने अग्रिम जमानत की अर्जी कोर्ट से वापस ले ली और अगली कानूनी प्रकिया शुरू कर दी, ताकि वह नए सिरे से मनप्रीत बादल की जमानत लेने की प्रकिया शुरू कर सकें।

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गिरफ्तारी के डर से कोर्ट पहुंचे बादल

बता दें कि बीती 23 सितंबर को पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनप्रीत सिंह बादल अपने खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच के दौरान संभावित गिरफ्तारी के डर से कोर्ट पहुंच गए थे। करीब दो महीने से राजनीतिक गतिविधियों से गायब चल रहे मनप्रीत बादल ने अपने वकील के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की थी। जिसमें उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया था।

विजिलेंस की छापेमारी जारी

उन्होंने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान के भाषण का वीडियो भी संलग्न किया है, जिसमें वह मनप्रीत बादल के खिलाफ मामला दर्ज करने का दावा कर रहे हैं। मनप्रीत सिंह बादल की तरफ से अग्रिम जमानत दर्ज करने के बाद विजिलेंस विभाग पूरी तरह से एक्टिव हो गया था और उनके खिलाफ चल रही जांच में तेजी लाते हुए इस मामले में जुड़े लोगों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।

इसके बाद विजिलेंस टीम ने उक्त प्लाट की बोली देने वाले होटल व्यापारी राजीव कुमार और व्यापारी विकास अरोड़ा व शराब ठेकेदार का कारिंदा अमनदीप सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।

फिर रविवाार देर रात को विजिलेंस ब्यूरो के थाना बठिंडा में मनप्रीत सिंह बादल, बीडीए के तत्लकालीन प्रशासक, पीसीएस आफिस विक्रमजीत सिंह शेरगिल, बीडीए के तत्लकालीन सुपरिटेंडेंट और मौजूदा ग्लाडा के एस्टेट आफिसर पंकज कालिया, प्लॉट की बोली देने वाले होटल व्यापारी न्यू शक्ति नगर निवासी राजीव कुमार, टैगोर नगर निवासी व्यापारी विकास अरोड़ा, लाल सिंह बस्ती निवासी शराब ठेकेदार के कारिंदे अमनदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

ऐसा इसलिए ताकि मंगलवार को कोर्ट में अग्रिम जमानत पर होने वाली सुनवाई में विजिलेंस अपना पक्ष मजूबती से रख सके, लेकिन मामला दर्ज होने के बाद मनप्रीत बादल ने अपनी जमानत की अर्जी वापस ले ली थी।

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