विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता के अनुसार, यह कार्रवाई मानसा के वार्ड नंबर 5 और नई कचहरी रोड निवासी की शिकायत के आधार पर की गई। नगर परिषद मानसा की ओर से नई कचहरी रोड स्थित गगोवाल वाली गली से मानसा खुर्द में नगर परिषद की सीमा तक सड़क की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया गया था।
वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद सड़क का काम शुरू हुआ, लेकिन आरोप है कि टेंडर में शामिल पूरे हिस्से की मरम्मत नहीं की गई। इसके बजाय केवल गगोवाल वाली गली से छोटी मानसा की ओर जाने वाले हिस्से का नए सिरे से निर्माण किया गया।
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जांच में घटिया सामग्री का खुलासा
मानसा के उपायुक्त के आदेश पर सड़क निर्माण की जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने निर्माण में इस्तेमाल सामग्री के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच करवाई। रिपोर्ट में सामने आया कि इस्तेमाल की गई सामग्री निर्धारित दबाव सहने की आवश्यक क्षमता पर खरी नहीं उतरी।
इसके अलावा पंजाब मंडी बोर्ड, बठिंडा के कार्यकारी अभियंता की ओर से तैयार जांच रिपोर्ट में निर्माण कार्य के लिए लागू दरों में भी अनियमितता सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, इस्तेमाल की गई दरें सरकार की स्वीकृत दरों से काफी अधिक थीं। इससे 2.62 लाख रुपये की अतिरिक्त अदायगी हुई।
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मिलीभगत का आरोप, मामला दर्ज
विजिलेंस के अनुसार, नगर परिषद के संबंधित कर्मचारियों और ठेकेदार की कथित मिलीभगत से सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और सरकारी धन का नुकसान हुआ।
मामले में आरोपित ठेकेदार और नगर परिषद के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना बठिंडा में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
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