जेएनएन, अमृतसर। चार दिन पहले अमृतसर पहुंचे पाकिस्तानी हिंदुओं के जत्थे के सदस्यों के वीजा की अवधि बढ़ाए जाने का मामला वीरवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पास पहुंच गया है। दैनिक जागरण में इस बाबत खबर प्रकाशित होने के बाद केंद्रीय मंत्री व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विजय सांपला ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले को दिल्ली स्थित संबंधित मंत्रालय में उठाया।

भाजपा युवा मोर्चा के जिला प्रधान सलिल कपूर के नेतृत्व में वीरवार को एक शिष्टमंडल ने दुग्र्याणा मंदिर स्थित धनवंत कौर धर्मशाला पहुंचकर पाक जत्थे के सदस्यों से बातचीत कर जत्थे के प्रधान मुकेश राणा को भरोसा दिया।

भाजयुमो प्रधान को कराची की खामस ने बताया कि उसकी मां पुष्पा  देवी का दिसंबर 2017 में देहांत हुआ था। 142 सदस्यीय जत्थे के साथ इस उम्मीद में अपनी मां की अस्थियां लेकर यहां पहुंची है कि उन्हें हरिद्वार में गंगा में विसर्जित कर सकूं। इसी तरह कराची की माला ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ सास लीलाबा की अस्थियां लेकर भारत आई हैं।

यही मुश्किल कराची की बसंती की भी थी जो हरिद्वार समेत दिल्ली जाने के लिए आई हैं, मगर उन्हें वीजा सिर्फ 5 दिनों का ही मिला है। जत्थे के सदस्यों का कहना था कि वीजा कम से कम 20 दिनों का होना चाहिए। जिला भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट राजेश हनी के निर्देशों पर धनवंत कौर धर्मशाला पहुंचे सलिल कपूर ने पाक हिंदुओं को उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

पाक जत्थे के प्रमुख मुकेश राणा ने बताया वह 3 दिन से दुग्र्याणा मंदिर के धर्मशाला में ही ठहरे हुए हैं। जत्थे के सदस्यों को बाहर जाने की इजाजत नहीं है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से चलने से पहले भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उनको हरिद्वार, दिल्ली और मुंबई का वीजा देने का आश्वासन दिया था, परंतु उनके पास केवल 4 दिन का वीजा है और आज आखिरी दिन है। अभी तक हम अमृतसर से बाहर नहीं निकल सके हैं। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि उनकी समस्या का तुरंत हल किया जाए।

हम बेशक पाकिस्तान में रहते हैं पर हमारा मुल्क हिंदुस्तान है

पाक जत्थे की सदस्य निर्मला और कशिश तो मुंबई जाने का उद्देश्य लेकर भारत पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि वह वरुण धवन और शाहरुख खान से मिलना चाहती हैं क्योंकि वे अपने वतन में उक्त दोनों कलाकारों की ही फिल्में देखती हैं और भारत में वह असल जिंदगी में उनसे मिलना चाहती हैं। इनका कहना था कि क्या हुआ हम पाक में रहते हैं, हैं तो ङ्क्षहदू ही और हिंदुस्तान हमारा भी मुल्क है। इसलिए भारत सरकार को उनकी भावनाओं की भी कद्र करते हुए जत्थे के सदस्यों का वीजा तुरंत बढ़ाना चाहिए।

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